अयोध्या। रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में तराश गऐ पत्थरों की चमक धूमिल पड़ गई है। ये पत्थर कार्यशाला में 28 साल से खुले आसमान में रखे हुए हैं। ऐसे में इनका रंग बदरंग हो गया है। पत्थरों में काई जम गई है। इन पत्थरों की सफाई की योजना पर काम शुरू हो चुका है।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने मंगलवार की सुबह रामजन्मभूमि न्यास की कार्यशाला पहुंचकर पत्थरों की साफ-सफाई पर रणनीति बनाई। माना जा रहा है कि होली के बाद से पत्थरों की सफाई शुरू कर दी जाएगी।
राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने अयोध्या दौरे के दौरान रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला में जमा पत्थरों को भी देखा था। उन्होंने पत्थरों की स्थिति पर भी सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि ये पत्थर बहुत पुराने हो गए हैं। अब राममंदिर के लिए तराशे गए पत्थरों को चमकाने की रणनीति पर काम तेज हो गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने मंगलवार सुबह कार्यशाला का जायजा लिया।
डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि पत्थरों की साफ-सफाई की रणनीति बनाई जा रही है। पत्थरों पर जमा काई कैसे छूटे, कैसे इन पत्थरों को चमकाया जाए इन सब पर विचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि होली के बाद पत्थरों की साफ-सफाई का काम शुरू करा दिया जाएगा, इसके लिए बाहर से बड़ी संख्या में मजदूर बुलाए जा रहे हैं। पत्थरों को साफ करने एवं चमकाने का काम तेजी गति से कराया जाएगा।
कार्यशाला में सहेजी गईं रामशिलाओं के बाबत कहा कि इनका दुरुपयोग नहीं किया जाएगा। ये शिलाएं पूजित हैं, श्रद्धा की शिलाएं हैं, इन्हें श्रद्धा के स्थान पर ही सहेजा जाएगा। इनका दर्शनीय उपयोग किया जाएगा।