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अयोध्या में उमा भारती बोलीं, टेंट में बैठे रामलला को देखकर अपराध बोध होता था

Sun, 01 Mar 2020 02:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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पत्रकारों से वार्ता करतीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती।
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अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती शनिवार को पहली बार अयोध्या पहुंची और रामलला व हनुमानगढ़ी के दरबार में माथा टेका। दर्शन-पूजन के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब रामलला के सामने आते थे तो अपराध बोध होता था कि वो टेंट में बैठे हुए हैं और हम लोगों ने कई बार सरकारें बना ली।

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इसके बाद बड़े-बड़े बंगले में जाकर बैठ गए। अब रामलला के लिए भव्य मंदिर के निर्माण की तैयारी हो रही है। अब अपराध बोध का वजन हृदय पर से उतर रहा है। उमा भारती ने कहा कि हमारी सरकार भगवान पुरुषोत्तम राम की मर्यादाओं पर चल रही है। हमारी सरकार निष्पक्ष रूप से काम करने को कहती है। हम बिल्कुल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्शों पर चल रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर निर्माण को लेकर चल रहे मामले पर उमा भारती ने कहा कि अब इसके दो हिस्से हैं। पहला तो भव्य मंदिर का निर्माण होगा। वहीं दूसरा कि सुप्रीम कोर्ट ने इशारा किया था कि इसमें कोई साजिश थी या नहीं।
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इसमें छह लोग साजिश कर्ता माने गए थे। जिसमें मैं भी शामिल हूं। इससे यह बात स्पष्ट है कि जो यह बात कही जाती है कि हमारी केंद्र सरकार अपने राजनीतिक मकसद के लिए सीबीआई का उपयोग करती है। अब इससे हमारी सरकार की निष्पक्षता साबित होती है। क्योंकि हमारी ही सरकार में सीबीआई ने हमें दोषी ठहराया है। अब हमें तो फांसी पर चढ़ाए जाने में भी दिक्कत नहीं है। अब जो भी फैसला आएगा हम स्वीकार करेंगे।

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धरने पर बैठी महिलाएं तो दैवीय शक्तियां, उन्हें बैठाने वाले राक्षसी प्रवृत्ति के

दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर उन्होंने कहा कि मारने वाले बहुत कम होते हैं, वो कभी मरते नहीं और मरने वाले कभी दंगे में नहीं होते। वह सिर्फ दंगे के शिकार होते हैं। मारने वाले मारकर भाग जाते हैं। यह बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होती है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी ही बारीकी से छानबीन करके काम करना पड़ता है। इसलिए इस कृत्य की तो निंदा होनी चाहिए।

सीएए के विरोध में शाहीनबाग व लखनऊ में हुई हिंसा पर उमा भारती ने कहा कि यह तो साजिश है। इससे बड़ा फैसला था राम मंदिर का निर्माण, तीन तलाक, 370 धारा सबने पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। देश में शांति और अमन कायम रहा।

वहीं धरने पर बैठी महिलाओं के बारे में उमा भारती ने कहा कि उन्हें तो पता ही नहीं है कि सीएए है क्या। धरने पर बैठी महिलाएं तो दैवीय शक्तियां हैं लेकिन उन्हें बैठाने वाले निश्चित रूप से राक्षसी प्रवृत्ति के लोग हैं। महिलाओं को गलत तरीके से मोटीवेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब रामलला जहां बैठे हैं, वहीं राम मंदिर का निर्माण होगा। कारसेवकों का बलिदान काम आएगा। अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा। मंदिर के निर्माण में जिनका भी योगदान रहा सभी का अभिनंदन है।
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