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राममंदिर के लिए सीताराम जप महायज्ञ में जुटेंगें लाखों रामभक्त

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अयोध्या। रामंमदिर निर्माण की कामना को लेकर सिद्ध संतों की तपस्थली रही फटिक शिला में 17 फरवरी से शुरू हो रही श्रीसीताराम नाम जप महायज्ञ की तैयारियां तेज हो गईं हैं। आश्रम में शुक्रवार से रामभक्तों सहित कीर्तन मंडलियों का आगमन शुरू हो जाएगा। वृंदावन से अकेले चार हजार भक्त शुक्रवार को फटिक शिला आश्रम पहुंच जाएंगे। सीतारामनाम जप महायज्ञ में 54 कीर्तन कुंजों में 1500 नाम जापकों द्वारा राम नाम का जप किया जाएगा। आयोजन में देश के कोने-कोने से व विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।
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यज्ञ के संयोजक महंत सुखदेव दास ने पत्रकारों को बताया कि सीताराम नाम जप महायज्ञ तपस्वी नारायण दास बगही बाबा की 103वीं जयंती, साकेतवासी महंत रामाज्ञा दास की स्मृति व राममंदिर निर्माण की कामना से किया जा रहा है। बताया कि अब राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो चुका है। बगही बाबा ने भी राममंदिर के लिए छह दिनों तक 1992 में अनशन किया था।
अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण हो उनका भी स्वप्न रहा, जो अब साकार होने को है। इसलिए राममंदिर निर्माण में अब कोई बाधा न आए और रामलला टेंट से आजाद होकर दिव्य भव्य राममंदिर में विराजे इसकी कामना भी यज्ञ में समाहित है।
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बताया कि 16 फरवरी को दो बजे मंदिर परिसर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। 17 फरवरी को रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में रामनाम जप महायज्ञ का शुभारंभ किया जाएगा। शुभारंभ अवसर पर रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती, दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास, सचिव गौरी शंकर दास, डॉ.राघवेश दास वेदांती सहित बड़ी संख्या में संत-धर्माचार्य मौजूद रहेंगे। यज्ञ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 70 लोग यज्ञ की तैयारियों में जुटे हैं। कहा कि राम नाम जप से ही सनातन संस्कृति व देश का उत्थान संभव है।
34 साल से चल रहा अनवरत रामनाम जप
फटिक शिला आश्रम में विगत 34 सालों से अनवरत नाम जप चल रहा है। महंत सुखदेव दास बताते हैं आश्रम के संस्थापक तपस्वी संत बगही बाबा द्वारा 1987 से ही शुरू ही अखंड रामनाम संकीर्तन अनवरत जारी है। असंख्यों बार बगही बाबा द्वारा मां सरयू को नाम संकीर्तन सुनाया जा चुका है। बताया कि सीतारामनाम जप महायज्ञ में हालैंड, नेपाल सहित बिहार, मध्यप्रदेश, मुंबई, दिल्ली, कानुपर, वृंदावन सहित उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों से भक्तों का आगमन होगा। मंदिर का रामनाम रथ आज भी पूरे देश में घूम-घूमकर रामनाम का प्रचार करता आ रहा है। यज्ञ मंडप में एक बार में करीब 375 नाम जापक एक साथ राममंत्रों का जाप करेंगे।
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