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मस्जिद के साथ हो बेहतर अस्पताल और उच्च शिक्षा की व्यवस्था

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सोहावल के धन्नीपुर रौनाही में मुस्लिम समाज को दी गई 5 एकड़ भूमि। - फोटो : FAIZABAD
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सोहावल। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के क्रम में सरकार ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन दे दी है। हालांकि मामले के एक मुस्लिम पक्षकार अयोध्या में जमीन देने की बाबत न्यायालय जाने की बात कहते हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर दोनों समुदाय से जुड़े लोग मस्जिद के साथ ही उच्च स्तरीय शिक्षालय व अस्पताल बनवाने की वकालत कर रहे हैं।
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जमीन दिए जाने के स्वागत के साथ ही लोग इसे हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मजबूती को लेकर अहम बताते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अमल करते हुए सरकार ने मुस्लिम समाज को पांच एकड़ भूमि सोहावल के धनीपुर रौनाही में दी है। मीडिया के लोगों की आमद कई दिनों से धन्नीपुर के आसपास लोगों के बीच बनी हुई है।
शनिवार को ‘अमर उजाला’ ने इसे लेकर लोगों की राय जानी तो ये बात खुलकर सामने आई कि धन्नीपुर में दी गई भूमि में मस्जिद के साथ-साथ विकास से जुड़े ऐसे उच्च स्तरीय शिक्षा के केंद्र और अस्पताल बनने चाहिए जिसमें हिंदू मुस्लिम दोनों समुदायों से जुड़े लोगों को लाभ मिले और क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब मजबूत हो।
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सरकार के इस फैसले पर उलेमाओं ने तो कुछ भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया और कहा कि मुस्लिम सुन्नी वक्फ बोर्ड जो फैसला लेगा उसी में सबकी सहमति होगी लेकिन क्षेत्र के कुछ मुस्लिम युवाओं के साथ ही हिंदू समुदाय के लोगों की राय मस्जिद के साथ विकास को लेकर भी सामने आई है।
पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख मेराज अहमद खान ने कहा कि धन्नीपुर रौनाही में डेढ़ दर्जन से ज्यादा मस्जिदें हैं। ऐसे में इसके साथ विकास की कोई बड़ी योजना जोड़ने से क्षेत्र का विकास होगा और कौमी एकता को मजबूती मिलेगी। यहीं पर धन्नीपुर रौनाही से जुड़े मोहम्मद शाबान, खान जफर खान, शहजाद, आफताब खान, हैदर खान ने कहा कि सरकार का फैसला स्वागत योग्य है लेकिन मस्जिद बने या न बने विकास योजनाओं से जुड़े कुछ उच्च कोटि के शिक्षा के केंद्र अथवा अस्पताल अवश्य बनाए जाने चाहिए। इंसानियत और भाईचारे की मजबूती धर्मस्थलों से नहीं होती विकास योजनाओं से होती है।
गांव निवासी हरिशंकर, राम नारायण मौर्य, रामकिशन, आसाराम यादव आदि तमाम लोगों ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जताई और कहा कि मस्जिद भी बने लेकिन साथ में दोनों समुदायों के हित में कोई सार्वजनिक उच्च स्तरीय व ऐतिहासिक शिक्षा अथवा स्वास्थ्य का केंद्र स्थापित किया जाए। ताकि क्षेत्र को न सिर्फ मंदिर-मस्जिद के नाम पर मोहरा बनाकर सियासत करने से रोका जा सकता है बल्कि भाईचारे की मजबूती के साथ ही क्षेत्र का विकास भी तेजी से हो। हालांकि मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने अयोध्या में मस्जिद के लिए जमीन देने के लिए न्यायालय जाने की बात कही है। मुसलिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी मस्जिद के लिए अयोध्या में जमीन देने की बात कही है।
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