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अयोध्या फैसले से चटख हुआ रामविवाहोत्सव का रंग

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रामविवाह उत्सव में आरती के दौरान उमड़े भक्त। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। सुप्रीम फैसले के बाद उत्साहित रामनगरी में राम विवाहोत्सव का रंग चटख हो चुका है। मंदिरों में मुख्य उत्सव की तैयारी जोरों पर हैं।
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संत-धर्माचार्यों में विवाहोत्सव का उल्लास नजर आ रहा है। विविध धार्मिक अनुष्ठान चल रहे हैं। कहीं रामकथा तो कहीं प्रवचन की धूम है। दूर-दूर से भक्तों के आने का क्रम भी रामनगरी में शुरू हो चुका है।
दशरथमहल बड़ास्थान में श्रीरामविवाहोत्सव की शुरुआत मंगलवार को श्रीरामकथा के साथ हुई। बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य की अध्यक्षता व स्वामी मधुसूदनाचार्य के मुखारविंद से रामविवाहोत्सव के अवसर पर रामकथा का प्रारंभ हुआ।
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मधुसूदनाचार्य ने कथा शुभारंभ अवसर पर कहा कि अयोध्या फैसला ऐतिहासिक, समन्वयकारी एवं स्वागतयोग्य है। रामविवाह उत्सव में इस बार अपार हर्ष हो रहा है।
रामलला का वनवास अब समाप्त हुआ है। हम हर्षोल्लास के साथ उत्सव मना रहे हैं। संत बड़े उल्लसित एवं उत्साहित हैं। यह विश्वविदित है आदिग्रंथों में उल्लिखित है कि अयोध्या ही राम की जन्मभूमि है।
अयोध्या पूरे विश्व का नेतृत्व करती है। सात मोक्षपुरियों में अयोध्या धाम भी मोक्षदायिनी है। यहां आने भर मात्र से ही मोक्ष मिल जाता है। मुक्ति और भुक्ति दोनों के लिए अयोध्या प्रमुख धाम है।
कथा अवसर पर स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य जी ने कहा कि हम लोगों में काफी उत्साह और उमंग है। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला हिंदू समाज को नव चेतना देने जैसा है।
हर लोग मुदित होकर भगवान श्री सीताराम जी के विवाह का महोत्सव मना रहे हैं। इस दौरान ज.गु.रामदिनेशाचार्य, बिंदुगाद्याचार्य के कृपापात्र संत रामभूषण दास, महंत कन्हैयादास रामायणी, महंत जन्मेजय शरण सहित अन्य संत-धर्माचार्य एवं भक्त मौजूद रहे।
वहीं श्रीरामबल्लभाकुंज में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की धूम है। प्रेममूर्ति प्रेमभूषण महाराज द्वारा रामकथा की सुधावृष्टि की जा रही है। कथा के तृतीय दिवस प्रेमभूषण ने भक्तों को कथारास का पान कराते हुए कहा कि भगवान राम का चरित्र हर युग में अनुकरणीय है।
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कहा कि हमारे राघव का पूरा जीवन व्यवस्थित था। जहा लंका कांड तक उन्होंने जो किया वह सिद्धांत था तो राजा बनने के बाद उन्होंने व्यवहार पक्ष को दर्शाया है। इस दौरान मंदिर के अधिकारी राजकुमार दास सहित बड़ी संख्या में संत-धर्माचार्य एवं भक्त मौजूद रहे। जानकी महल ट्रस्ट में रामविवाहोत्सव का श्रीगणेश 28 नवंबर को विविध धार्मिक अनुष्ठानों के साथ होगा। लक्ष्मण किला, अशर्फी भवन, विअहुति भवन, रंगमहल सहित अन्य में रामविवाहोत्सव का तैयारियां चरम पर पहुंच चुकी हैं।
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