अयोध्या। राममंदिर निर्माण समिति की बैठक में राम मंदिर सहित अयोध्या की सुरक्षा को लेकर भी मंथन हुआ। समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के समक्ष सुरक्षा की बारीकियों को लेकर सुरक्षा अधिकारियों ने प्रजेंटेशन दिया। सरयू की ओर से भी राममंदिर व अयोध्या की सुरक्षा अभेद्य बनाने पर मंथन हुआ। तय हुआ कि इसका प्रस्ताव जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
राममंदिर की सुरक्षा में मैन पावर कम आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल ज्यादा होगा। परिसर में सीसीटीवी का जाल बिछाया जाएगा, इसको लेकर अभी से तैयारियां शुरू करने की बात हुई। एक फायर स्टेशन की स्थापना पर भी मुहर लगी है। साथ ही मॉडर्न कंट्रोल रूम बनेगा, जहां से पूरे परिसर सहित अयोध्या की निगरानी होगी। राममंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि हमारा जोर है कि बंदूकधारी कम दिखें। पार्किंग पर भी चर्चा हुई है।
डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि राममंदिर की तरफ जाने वाले तीन मुख्य मार्गों के अलावा कई लिंग मार्ग भी हैँ जो सीधे राममंदिर से जुड़ते हैं। बैठक में इन मार्गों के चौड़ीकरण को लेकर भी चर्चा हुई है। इन्हें सुरक्षा प्रबंधों के दायरे में रखा जाएगा। यहां मूलभूत यात्री सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
श्रीराममंदिर निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन राममंदिर की सुरक्षा से लेकर अयोध्या के भी विकास पर चर्चा हुई। रामजन्मभूमि परिसर का एक बूंद पानी भी बाहर न जाए, इसलिए परिसर में जीरो डिस्चार्ज वाटर की व्यवस्था होगी। परिसर के पानी को रिसाइकिल कर उपयोग किया जाएगा। राममंदिर की प्रकाश व्यवस्था भी हाइटेक होगी।
बिजली व्यवस्था के लिए परिसर में 33 केवीए के चार सब स्टेशन बनाए जाएंगे, इसको लेकर स्थान भी चिन्हित कर लिया गया है। पूरे परिसर को दूधिया रोशनी सहित आधुनिक लाइटों से प्रकाशित करने की योजना है। मंदिर में 24 घंटे रामधुन गूंजती रहेगी।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यात्री सुविधा केंद्र का डिजाइन तैयार है। बैठक में सभी सदस्यों ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है। जल्द ही यात्री सुविधा केंद्र को आकार देने का काम शुरू हो जाएगा। पेयजल के लिए एक लाख लीटर की क्षमता वाला प्लांट लगेगा।
विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने विकास के प्लान का प्रस्तुतीकरण भी दिया। बैठक में निर्माण समिति के अध्यक्ष के साथ ही ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा सहित अन्य मौजूद रहे।