अयोध्या। निर्वाणी अनी अखाड़े के महंत धर्मदास व श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य पूर्व सांसद डॉ. राम विलासदास वेदांती ने ट्रस्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों संतों ने ट्रस्ट में शामिल न होने पर नाराजगी जताई है।
महंत धर्मदास ने आरोप लगाया कि राममंदिर के नाम पर ट्रस्ट में बंदरबांट हो रही है। ये सभी संत राममंदिर आंदोलन का हिस्सा रहे महंत अभिराम दास की पुण्यतिथि समारोह में बेनीगंज स्थित हनुमान मंदिर में एकत्र हुए थे।
बता दें कि ट्रस्ट के ऊपर शुरू से ही महंत धर्मदास उंगली उठाते आए हैं और केंद्र सरकार को इसी ट्रस्ट को लेकर नोटिस भी दे चुके हैं। गुरुवार को हिंदू पक्षकार रहे महंत धर्मदास ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर ट्रस्ट में बंदरबांट हो रही है।
सारी संपत्ति व आने वाला दान सब कुछ रामलला का है। सबके मालिक रामलला हैं। जितने भी ट्रस्टी हैं और जो संत शामिल हैं, वह केवल सेवक हैं। मालिक रामलला हैं लेकिन कब्जा कोई और जमाए बैठा है। महंत धर्मदास ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में चंपत राय रोड़ा बनेंगे।
यह वही चंपत राय हैं जो अयोध्या के साधुओं को गाली देते हैं। ऐसे व्यक्ति का अयोध्या में दर्शन नहीं होना चाहिए। इस दौरान निर्वाणी अनी अखाड़े के महासचिव गौरीशंकर दास, महंत सुरेश दास, राममंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास, ज.गु.रामदिनेशाचार्य, महंत संतगोपाल दास, महंत मनमोहन दास, महंत रामकुमार दास, अधिकारी राजकुमार दास, पार्षद रमेश दास, संत राजूदास, समाजसेवी विकास श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में संत-धर्माचार्यों ने महंत अभिराम दास को श्रद्घांजलि अर्पित की।
ट्रस्ट में निर्वाणी अनी अखाड़े का भी हो प्रतिनिधित्व: वेदांती
राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि राम मंदिर निर्माण आंदोलन में हनुमानगढ़ी व निर्वाणी अनी अखाड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब ट्रस्ट का निर्माण हुआ तो उसी हनुमानगढ़ी व निर्वाणी अनी अखाड़े को प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला। ट्रस्ट में निर्वाणी अनी अखाड़े का नाम शामिल होना चाहिए। वेदांती ने कहा कि पूर्व में अशोक सिंघल ने ही निर्वाणी अनी अखाड़े की तरफ से वेदांती का नाम राम जन्मभूमि न्यास में नामित किया था। अब बने हुए नए ट्रस्ट में निर्वाणी अनी अखाड़े को शामिल नहीं किया गया है।