राम मंदिर के स्वरूप से लेकर परिसर के विस्तार का प्लान ट्रस्ट के निर्माण समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र तय करेंगे। उन्हें अब तक का फीडबैक महासचिव चंपत राय ने भेज दिया है। उनकी ओर से दो सौ संतों से मिलकर बैठक करके विहिप के मॉडल पर ही एकराय की बात कही गई है, जबकि ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास से मिलने वाले संत व हिंदू संगठन राममंदिर की ऊंचाई आदि बढ़ाने के प्रस्ताव पर उनके समर्थन का दावा करते हैं।
अब 18 जुलाई को अयोध्या में बैठक के लिए तैयारी तेज हो गई है। बैठक मानस भवन या विवि के आईईटी कैंपस स्थित गेंदालाल दीक्षित अतिथि गृह में होगी, यही पर पहले राममंदिर-बाबरी विवाद पर सुलह-समझौता के लिए सुप्रीम कोर्ट से तय कमेटी सुनवाई कर चुकी है। इसे हवाई पट्टी के नजदीक व सुरक्षा के लिहाज से सबसे बेहतर माना जा रहा है।
बैठक के लिए बाहरी सभी ट्रस्टी 16 जुलाई से ही अयोध्या पहुंचेंगे। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा मंदिर निर्माण से जुड़ी सभी पहलुओं पर चर्चा करेंगे। अब तक कितना निर्माण हुआ, तकनीकि मुद्दे, ले-आउट और पूर्व में हो चुकी तैयारियों का वे जायजा लेंगे और इसे अंतिम रूप देंगे। नृपेंद्र मिश्रा सहित ट्रस्ट के अन्य सदस्य अयोध्या में स्थिति का जायजा लेने के लिए 16 जुलाई से अयोध्या में रहेंगे। इस दौरान वे साधु और संतों के साथ बातचीत भी कर सकते हैं।
पहले फाइनल होगी ऑर्किटेक्ट डिजाइन
ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक आर्किटेक्ट डिजाइन फाइनल होने के बाद इसे ट्रस्ट मंदिर निर्माण इकाई को सौंपा जाएगा। उसके बाद निर्माण इकाई एल एंड टी इन परियोजनाओं पर काम शुरू कर सकेगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मंदिर का तकनीकी निर्माण शुरू करने के पहले मंदिर परिसर में बहुत काम होना बाकी है जिसमें समय लगेगा। मंदिर स्थल पर साइकल टेस्टिंग के लिए कई जगहों पर 30 फीट गहरी खोदाई का काम भी बाकी है। अभी निर्माण इकाई के केवल दो कर्मचारी यहां समतलीकरण व अन्य योजनाओं को शुरू करने का स्थलीय परीक्षण कर रहें हैं। एलएंडटी कंपनी अपनी पूरी टीम के साथ मशीनों, उपकरणों आदि को तकनीकी निर्माण शुरू करने के पहले वहां उतारेगी।