अयोध्या। बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने व मस्जिद के लिए जमीन देने में देरी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण के पक्ष में निर्णय सुना दिया है तो केंद्र सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठन में देरी क्यों कर रहा है। कहा कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए केंद्र की मोदी सरकार जल्द ट्रस्ट का निर्माण करें और पांच एकड़ भूमि मस्जिद के लिए दे।
अयोध्या मामले का फैसले आने को तीन माह बीतने को हैं। मंदिर के लिए ट्रस्ट गठित होने की मियाद भी 9 फरवरी को पूरी होने वाली है। ऐसे में अभी तक ट्रस्ट का स्वरूप तय न हो पाने को लेकर रामनगरी के संत-धर्माचार्यों से लेकर मुस्लिम पक्षकार इकबार अंसारी ने भी नाराजगी जताई है।
इकबाल ने कहा कि सरकार कोर्ट के निर्णय के अनुपालन में देरी कर रही है। अभी तक न तो ट्रस्ट की घोषणा हो पाई है और न ही मस्जिद के लिए जमीन की कोई बात सामने आई है, आखिर सरकार देरी क्यों कर रही है।
इकबाल अंसारी का कहना है कि उनसे मुस्लिम समाज के लोग पूछते हैं कि अयोध्या में सरकार मस्जिद के लिए जमीन कब देगी। उनका यह भी कहना है कि अयोध्या के विकास के लिए राम मंदिर निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो क्योंकि हिंदू समाज के लोग भी अब यह सवाल कर रहे हैं कि कोर्ट की ओर से तय डेडलाइन 9 फरवरी को पूरी हो जाएगी लेकिन अभी तक राम मंदिर निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
रामलला के लिए उचित नहीं राममंदिर ट्रस्ट में विलंब
रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास कहते हैं कि रामलला के लिए राममंदिर ट्रस्ट गठन में विलंब उचित नहीं है। फैसला आने के बाद भी आखिर कब तक रामलला टेंट में रहेंगे। सरकार जल्द ही ट्रस्ट का गठन करे, ताकि 27 वर्षों से टेंट में रह रहे रामलला के भव्य मंदिर का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने कहा कि बहुत ही निराशाजनक है कि राममंदिर के हक में फैसला आने के बाद भी रामलला की रिहाई नहीं हो पा रही है।