अयोध्या। हर की पैड़ी की तर्ज पर राम की पैड़ी में अविरलता का प्रयास मूर्त रूप लिया तो अयोध्या में सरयू स्नान करने वाले भक्तों को आस्था के साथ सुरक्षा का भरोसा भी मिलेगा।
कहा जाता है कि स्वर्गद्वार की शुरूआत इसी पैड़ी से होती है, नागेश्वरनाथ इसी के तट पर स्थित है। यहीं से अयोध्या के ऐतिहासिक मंदिरों की शुरूआत होती है।
संत बताते हैं कि पहले सरयू यहीं से बहती थीं, भगवान राम समेत चारों भाई यहीं स्नान करते थे। इसके अलावा सरयू की लहरों में आए दिन डूबने की घटनाएं को देखते हुए पैड़ी में नहाना मुफीद होगा क्योंकि यहां गहराई मात्र 4 से 6 फिट होगी।
वर्षों से उपेक्षित पड़ी राम की पैड़ी अब सरयू तट की शोभा बनेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाद आईआईटी रुड़की से आई मॉडल स्टडी रिर्पोट के अनुसार नई राम की पैड़ी तैयार की जा रही है।
अब राम की पैड़ी की जलधारा अविरल एवं स्वच्छ होगी तो वहीं इसमें डूबने का खतरा भी नहंीं होगा। सरयू नहर खंड के अवर अभियंता जितेंद्र प्रताप ने बताया कि पैड़ी पर 64 मीटर का नया घाट बनाया गया है। साथ ही पैड़ी की गहराई मात्र 4 से 6 फिट की होगी। पानी जहां फ्लो होना है वहां आरसीसी बेड बनाए गए हैं।
सहस्रधारा घाट पर पंप हाउस बनाया गया है जहां से सरयू का पानी राम की पैड़ी में अविरल रूप से प्रवाहित होगा। पानी का बहाव 80 सेमी प्रतिसेंकड के अनुसार होगा। बताया कि पैड़ी का जल स्वच्छ एवं अविरल होगा इसलिए इसमें स्नान किया जा सकेगा, क्योंकि पैड़ी में भी सरयू की जलधारा ही प्रवाहित होगी।
राम की पैड़ी अब श्रद्धालु, भक्तों के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। पैड़ी के पंप हाउस की क्षमता 6 गुना बढ़ा दी गई है। पैड़ी में सरयू की जलधारा अब 21 अक्तूबर से अविरल प्रवाहित होगा, यहां श्रद्धालु स्नान भी कर सकते हैं। मेले के दौरान इसकी उपयोगिता सिद्ध होगी।
जय सिंह, मुख्य अभियंता, सरयू नहर खंड