अयोध्या। रामजन्मभूमि में राममंदिर निर्माण का काम 85 फीसदी पूरा हो चुका है। बुधवार से रामलला की अचल मूर्ति के निर्माण का काम भी शुरू हो गया। मैसूर की श्याम शिला पर मूर्ति को आकार देने का काम अभिजित मुहूर्त में 11:57 मिनट पर पूजन-अर्चन के साथ शुरू हुआ। मूर्ति निर्माण नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
कारसेवकपुरम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य पंडित इंद्रदेव मिश्र के आचार्यत्व में आचार्य पंकज कौशिक व आचार्य संदीप शर्मा ने विधिविधान पूर्वक शिला की क्षमा याचना पूजन कर नक्काशी का काम प्रारंभ किया गया। पूजन के दौरान मुख्य यजमान के रूप में मूर्तिकार विपिन भदोरिया और गणेश भट्ट मौजूद रहे। इससे पहले मंगलवार की रात शुभ मुहूर्त में स्थान पूजन भी वैदिक आचार्यों ने किया था।
मूर्ति निर्माण के लिए रामघाट क्षेत्र स्थित रामसेवकपुरम कार्यशाला में अलग से टीन शेड बनाया गया है। बेंगलुरु से आये मूर्तिकार गणेश भट्ट के निर्देशन में मूर्तिकार विपिन भदौरिया ने तीन अन्य सहयोगियों के साथ कार्य शुरू किया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी के नेतृत्व में गठित टीम इस काम में लगी हुई है। रामलला की भव्य मूर्ति नवंबर तक तैयार हो जाएगी। जनवरी 2024 में मूल गर्भगृह में विराजमान कर रामलला की अचल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
आठ फीट ऊंची होगी रामलला की अचल मूर्ति
राममंदिर के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि रामलला की अचल मूर्ति 52 इंच की होगी। फाउंडेशन लेकर मूर्ति की कुल ऊंचाई लगभग आठ फीट हो जाएगी। यह ऊंचाई अंतरिक्ष विज्ञानियों की सलाह के बाद तय की गई है ताकि हर रामनवमी पर सूर्य की किरणों से रामलला का अभिषेक संभव हो सके। बताया कि अभी अस्थायी गर्भगृह में पूजित राम सहित चारों भाइयों की मूर्ति को नए मंदिर में उत्सव मूर्ति के रूप में विराजित किया जाएगा।
इस बार तीन दिन होगी समीक्षा बैठक
इस बार राममंदिर निर्माण की समीक्षा बैठक तीन दिनों तक होगी। ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्र ने बताया कि 29 व 30 जून को मंदिर निर्माण समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। हर माह आयोजित होने वाली बैठक के क्रम में नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में यह बैठक होगी। इसके पूर्व 31 मई को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होगी। बैठक में ट्रस्ट के सभी सदस्य शामिल होंगे।