अयोध्या। शहर में मंगलवार को हुई झमाझम बरसात ने लोगों को तरबतर कर दिया। आठ घंटे से अधिक हुई बारिश ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था के दावों की भी पोल खोल दी। शहर के तमाम इलाके जलमग्न हो गए। प्रमुख मार्गों पर ताल तलैय्या वाली स्थिति रही। सबसे बुरी हालत सहादतगंज से लेकर नयाघाट तक बन रहे रामपथ की रही। निर्माणाधीन 13 किमी. मार्ग कीचड़ से सन गया, जिसमें दिनभर वाहन फिसलते व पलटते रहे।
रामपथ पर सुबह से ही आवागमन बाधित होने लगा था। सबसे अधिक परेशानी बाइक सवारों व ई-रिक्शेवालों को हुई। फिसलन और कीचड़ के कारण दिन में आठ से दस ई-रिक्शा पलट गए, जिसमें सवार लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने सवारियों को बचाया। इस दौरान दर्जनों बाइक गड्ढे में फंसीं।नियावां से लेकर अमानीगंज तक बुरी स्थिति रही। खिड़की अली बेग चौराहा, रामनगर, रिकाबगंज चौराहा, फतेहगंज से महाजनी टोला मार्ग, टकसाल, सिविल लाइन्स, बस अड्डा, पुलिस लाइन ग्राउंड व देवकाली तिराहे समेत नगर के कई इलाके जलमग्न रहे।
नागरिकों ने बयां की परेशानी
रामपथ पर बारिश के बाद फिसलन बढ़ गई है। जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे कीचड़ बढ़ गया है।
रजत गुप्ता, हनुमानगढ़ी
बच्चे को स्कूल से लौटने में काफी दिक्कत हुई। ई-रिक्शा वाले ने रामपथ पर कीचड़ होने की वजह से आने से मना कर दिया था। - तालिब खान, कंधारी बाजार
रामपथ का काम जल्द पूरा हो जाना चाहिए। सरकार ने दिसंबर तक का समय दिया है, लेकिन लग नहीं रहा है कि पूरा हो पाएगा। - ब्रज मोहन तिवारी, रामपथ
सुबह नियावां से लौट रहा था। मेरी कार मिट्टी के ढेर में फंस गई। स्थानीय लोगों की मदद से कार निकलवाने के बाद घर पहुंच पाया। - राहुल शर्मा, देवकाली