कसाबबाड़ा में स्लाॅटर हाउस की जांच करने पहुंची टीम को मिला सेल प्वाइंट।
- फोटो : अमर उजाला
शासन के सख्त रुख के बाद गुरुवार को अवैध स्लाॅटर हाउसों पर शिकंजा कसने जिला प्रशासन की टीम शहर में उतरी। इसे लेकर पूरे दिन हलचल रही, मगर एक भी अवैध स्लाॅटर हाउस पकड़ में नहीं आए। कसाबबाड़ा में जहां असरे से स्लाटर चर्चित था, जांच में वह सामूहिक मीट शाप (सेल प्वाइंट) बताई गई।
इसका लाइसेंस देख दल-बल के साथ गई प्रशासन-पुलिस की टीम वापस लौट आई। नगर पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि नगरक्षेत्र मात्र दो लाइसेंसी स्लाॅटर हाउस हैं, बाकी करीब ढेड़ सौ छोटे-बड़े लाइसेंसी सेल प्वाइंट हैं।
कई संगठनों ने नगर के कसाबबाड़ा समेत कई इलाकों में अवैध बूचड़खाने की शिकायत की है। बजरंग दल ने गुरुवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट राम उजागिर पटेल, नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी रविशंकर शुक्ल और नगर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह की टीम भारी संख्या में फोर्स के साथ कसाबबाड़ा बूचड़खाने पहुंची।
मौके अफरातफरी मच गई, भारी संख्या में लोग जमा हो गए। कारोबारी फरीद कुरैशी ने आकर प्रशासन को कागजात सौंपे, कहा कि 1992 के बाद यहां कभी पशुवध नहीं हुआ है। यह सामूहिक मीट शाप है, स्लाटर हाउस से मीट लाकर बेचा जाता है।
नगर पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जांच में लाइसेंसी सेल प्वाइंट पाया गया, इसके बाद टीम वापस आ गई। बताया कि नगर में दो स्लाटर हाऊस एक बड़ा व एक छोड़ा लाइसेंसी हैं, बाकी करीब 150 सेल प्वाइंट हैं। इसकी तस्दीक कराई गई है।