अभिभावकों से शिक्षा के नाम पर अधिक शुल्क वसूली के मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने बुधवार को छापामार कर जेबी एकेडमी, ग्रामर स्कूल कौशलपुरी और मोहदा स्थित मॉर्डन चिल्ड्रेन स्कूल की जांच की।
निरीक्षण के दौरान स्कूल प्रबंधन न तो मान्यता का कागजात दिखा पाया और न ही जांच टीम के सामने शुल्क आदि के दस्तावेज प्रस्तुत किए। डीआईओएस ने स्कूल प्रबंधन को 12 घंटे में दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी किया है। नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के साथ स्कूलों व कालेजों की ओर से मनमानी शुल्क वसूली की शिकायतें शुरू हो गई थीं।
शिकायत के मद्देनजर डीएम किंजल सिंह ने डीआईओएस को जांच का निर्देश दिया था। इसी को लेकर बुधवार को डीआईओएस ने उप प्रधानाचार्य रमेश कुमार श्रीवास्तव के साथ मोदहा रोड स्थित जेबी अकादमी पहुंची टीम ने स्कूल प्रबंधन से छात्र-छात्राओं से विभिन्न मदों में वसूली जाने वाली फीस के संबंध में आय-व्यय का ब्योरा दिखाने को कहा।
हालांकि स्कूल प्रबंधन आनाकानी व हीलाहवाली करता नजर आया। टीम ने छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही अंबेडकर जयंती पर सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद विद्यालय खोले जाने के मामले में छात्रों से जानकारी हासिल की।
ग्रामर स्कूल कौशलपुरी पहुंची जांच टीम ने विद्यालय के संसाधन और शुल्क का विवरण एकत्र किया। यहां भी विद्यालय प्रबंधन की ओर से टीम को शुल्क की रसीद व आय-व्यय का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। साथ ही प्रधानाचार्य विद्यालय के मान्यता संबंधी पेपर भी नहीं दिखा पाये।
जांच टीम को स्कूल में प्ले वे वर्ग की कक्षाएं संचालित होती पाई गई। इसके बाद निरीक्षण को निकली टीम ने मोदहा स्थित मार्डन चिल्ड्रेन स्कूल का औचक निरीक्षण किया। स्कूल में प्राइमरी की कक्षाएं चल रही थीं। हालांकि विद्यालय के बोर्ड पर नर्सरी से इंटर तक कक्षा संचालन का दावा किया गया है।
टीम को प्रबंधक ने बताया कि स्कूल में इंटर स्तर तक के छात्रों की कोचिंग दी जाती है, मगर वे कोचिंग और विद्यालय की मान्यता का कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। डीआईओएस ने प्रबंधक को विद्यालय के दस्तावेज समेत शुल्क रसीद, संसाधन आदि के साथ आय-व्यय का विवरण तलब किया है।
इस बाबत डीआईओएस राजेंद्र पांडेय का कहना है कि शिकायत के मद्देनजर स्थलीय जांच की गई है। अभी स्कूलों ने दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किया है। 12 घंटे में इन्हें प्रस्तुत करने को कहा गया है। दस्तावेजों के निरीक्षण के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।