प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में किसानों की जमीन के मुआवजे के लिए 19 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। यह एक्सप्रेस-वे जिले के पांच गांवों से होकर गुजरेगी।
पांचों गांव जिले के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के हैं। सर्वे के बाद अब एक्सप्रेस-वे में आने वाली जमीनों का सहमति के आधार पर बैनामा कराए जाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसमें लगभग छह सौ किसानों की जमीनें जाएंगी।
लखनऊ से बलिया तक प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। तहसील प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट पहले ही जिला प्रशासन को भेज दी थी। इसके बाद काश्तकारों से बातचीत करके जमीन लिए जाने की कार्रवाई शुरू की थी।
एक्सप्रेस वे को लेकर कार्रवाई इतनी तेज है कि इसकी प्रतिदिन मानीटरिंग की जा रही है। शासन ने एक्सप्रेस वे में किसानों के साथ ही आने वाली ग्राम पंचायतों और सरकारी जमीनों के मुआवजे के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये का आवंटन कर दिया है।
यह धनराशि भूमि अध्याप्ति विभाग को प्राप्त हो गई है। इसे जिला प्रशासन के कोष में जमा कर दिया गया है। अब तहसील प्रशासन के जरिए सर्वे के आधार पर किसानों की जमीन को खरीद कर बैनामा कराए जाने की कोशिश होगी।