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डेढ़ हजार तक बेंचा जा रहा पल्स ऑक्सीटर

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थर्मामीटर व जरूरी दवाओं की कालाबाजारी चरम पर
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अयोध्या। जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ने पर कालाबाजारी भी चरम पर पहुंच गई है। होम आइसोलेशन के मरीजों की निगरानी के लिए पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मामीटर आदि की मांग बढ़ी तो कालाबाजारी करने वालों की चांदी हो गई है। आलम यह है कि अमूमन पांच-छह सौ रुपये तक बिकने वाला पल्स ऑक्सीमीटर डेढ़ से दो हजार रुपये तक में बेचा जा रहा है। इन दवा कारोबारियों पर अंकुश लगाने के लिए जिम्मेदार भी लाचार नजर आ रहे हैं और जरूरतमंद शोषण करवाने को मजबूर हैं।
जिले में इन दिनों कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। प्रतिदिन नए मरीजों की संख्या दो सौ के इर्द-गिर्द पहुंच रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई शुक्रवार रिपोर्ट में सक्रिय मरीजों की संख्या 2385 पहुंच गई है। इनमें 2259 मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। होम आइसोलेशन में मरीजों की निगरानी भी करना पड़ता है। कोरोना की दूसरी लहर में यह निगरानी और कड़ी हो गई है। कोविड मरीजों की खासकर तापमान व एसपीओ-2 का लेवल दो-दो घंटे पर जानना जरूरी होता है। इसके लिए ऑटोमेटिक पल्स ऑक्सीमीटर व डिजिटल थर्मामीटर की खरीद एकाएक बढ़ गई। तेजी से इसकी बिक्री बढ़ी तो कालाबाजारी करके मुनाफा कमाने वालों की भी चांदी हो गई है।
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दवा की दुकानों पर इन उपकरणों की खरीद के लिए गए लोगों को इसकी अनुपलब्ध्ता बताते हुए वापस कर दिया जाता है। ज्यादा जरूरत वाले तीमारदारों को भांपकर उन्हें डेढ़ हजार से दो हजार रुपये तक मूल्य बताया जाता है। मजबूरी में तीमारदार इसे महंगे दामों में खरीद रहे हैं। पल्स ऑक्सीमीटर की अमूमन कीमत करीब पांच से छह सौ रुपये तक बताई जाती है, लेकिन महंगे दामों पर धड़ल्ले से बेंच रहे कारोबारियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन की ओर से भी ठोस पहल नहीं किया जा रहा है।
इनसेट..
फुटकर विक्रेता को भी 1350 में मिला ऑक्सीमीटर
-विकासखंड पूराबाजार क्षेत्र के एक दवा कारोबारी ने बताया कि उन्हें थोक विक्रेता ने ही 1350 रुपये में ऑक्सीमीटर दिया है, जिसे इससे कम में बेच पाना घाटे का सौदा होगा। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इसी तरह क़ुछ अन्य जरूरी दवाओं, थर्मामीटर आदि का मूल्य भी बढ़ गया है। मजबूरी में लोग महंगे दामों पर खरीद रहे हैं।
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बोले जिम्मेदार..
-जिले के औषधि निरीक्षक का पदभार संभाल रहे सुमित वर्मा कोरोना पॉजिटिव आए हैं, जो आइसोलेशन में हैं। उनकी दूसरी रिपोर्ट आने वाली है। उसके निगेटिव आने पर उनसे मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी करके कालाबाजारी रोकने के लिए कहा जाएगा। औषधि निरीक्षक के पॉजिटिव होने के के कारण इस दिशा में कार्य नहीं किया जा सका।
-एसके चौरसिया, डीएलए, अयोध्या मंडल
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