अयोध्या। एयरपोर्ट की जमीन को लेकर अवशेष जमीन के अधिग्रहण को लेकर कार्रवाई शुरू हो गई है। सामाजिक समाधान अध्ययन समिति की रिपोर्ट के बाद बुधवार को प्रभावित किसानों को जनसुनवाई के माध्यम से आपत्तियां ली गईं।
बता दें कि एयरपोर्ट के लिए ली जाने वाली 22 एकड़ की भूमि को किसानों से समझौते के आधार पर नहीं लिया जा सका। इसके लिए अब अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की गई है। इसी के तहत गठित सामाजिक समाधान अध्ययन समिति की रिपोर्ट पर बुधवार को जनसुनवाई कार्यक्रम किया गया। इसमें गंजा, पूरे हुसैन, जनौरा, कुशमाहा और धर्मपुर गांवों के लोगों को बुलाया गया था।
तहसील सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में एडीएम प्रभाकांत अवस्थी के साथ समिति के सदस्य मौजूद रहे। जनसुनवाई में पांचों गांव के प्रभावित लोगों ने अपनी आपत्तियां सौंपी है। आपत्तियों में खास तौर से दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर मुद्दा उठाया गया है।
किसानों का कहना है कि जनौरा, पूरे हुसैन आदि गांवों में आवासीय और अनावासीय जमीन का मुआवजे में खासी भिन्नता है। जबकि सभी एकदूसरे के आसपास के गांव हैं।
गंजा बाबा मठिया के रहने वाले किसान त्रिलोकी यादव का कहना था कि उनकी जमीन का मुआवजा कम दिया जा रहा है। पूरे हुसैन गांव की जमीन को आधार मानकर मुआवजा दिया जाए। तिलोदकी गंगा को पाटने, फैक्टरी के पानी के मुद्दे को उठाया। जन सुनवाई में सियाराम यादव, श्रीदेव बक्श वर्मा, सुरेश यादव, राम जी सहित कई लोगों ने आपत्तियां दाखिल कीं।
एडीएम प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि किसानों से आपत्तियां ली गई है। इनका समय से निस्तारण कराया जाएगा। समिति के लोग आवश्यकता पड़ी तो इसकी जांच कमेटी के जरिए कराएंगे। निस्तारण के लिए 20 मार्च की तारीख तय की गई है।