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बैंकों की हड़तंल से ठप रही पांच सौ करोड़ की क्लीयरिंग

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सिविल लाइंस में हड़ताल के कर प्रदर्शन करते बैंक कर्मी। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की नौ यूनियनों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन शुक्रवार को ग्रामीण व निजी बैंकों को छोड़कर तकरीबन सभी बैंक बंद रहे। जिले के करीब 18 बैंकों के कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण काम काज पूरी तरह ठप रहा।
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इससे करीब पांच सौ करोड़ रुपये की क्लीयरिंग ठप रही। वहीं अपनी मांगों को लेकर बैंक यूनियन द्वारा सिविल लाइन स्थित एसबीआई की शाखा से जुलूस निकाला गया जो सेंट्रल बैंक तक पहुंचा। यहां पर सभा कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
एईबीईएए, आईबीओसी, एनसीबीईए, आईबीओए, बीईएफआई, आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी, एनओबीडबलू, एनओबीओ के संयुक्त फोरम यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के दो दिवसीय हड़ताल के आह्वान पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में शुक्रवार को काम ठप रहा।
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वहीं ग्रामीण बैंक व निजी बैंक खुले रहे। बैंक में हड़ताल के चलते जिले की करीब 18 बैंक की विभिन्न शाखाओं में रोजाना होने वाला करीब 500 करोड़ का क्लीरियंस ठप रहा। वहीं, ग्राहकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
उधर, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मी व नेता प्रात: 10 बजे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सिविल लाइन स्थित शाखा पर एकत्र हुए और वहां से रैली निकालते हुए पुलिस लाइन होते हुए सेंट्रल बैंक की शाखा पर पहुंचे, जहां पर सभा कर सरकार के खिलाफ रोष जताया।
यूएफबीयू अयोध्या के संयोजक सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, संरक्षक रूप राम तिवारी, अध्यक्ष वीके सिंह, मंत्री डीसी टंडन आदि ने कहा कि यह हड़ताल उनकी 12 सूत्री मांगों को लेकर की जा रही है। इसमें पर्याप्त वेतन के साथ वेतन पर्ची घटकों पर 20 प्रतिशत की वेतन वृद्धि पर पुनरीक्षण समझौता, पांच दिवसीय बैंकिंग, मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय, नई पेंशन योजना को समाप्त करने, पारिवारिक पेंशन में सुधार समेत अन्य मांगें शामिल हैं।
यूनियन के नेता केके रस्तोगी ने बताया कि गुरुवार सायंकाल लगभग साढ़े तीन बजे तक आईबीए के साथ वार्ता हुई परंतु उसने वेतन वृद्धि, पांच दिवसीय बैंकिंग, मूल वेतन में विशेष भत्ते विलय को, नई पेंशन योजना को समाप्त करने से नकार दिया, अत: वार्ता विफल हो गई जिससे हमं मजबूरी मेें हड़ताल करनी पड़ी।
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