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वामपंथियों से पुलिस की हाथापाई, खदेड़ा

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अयोध्या। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में सड़कों पर उतरे वाथपंथी दलों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बलपूर्वक तिरत-बितर कर दिया।
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इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठी भी भांजी। इसमें तीन माकपा कार्यकर्ता जख्मी हुए हैं। पुलिस ने प्रमुख पांच नेताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें देर शाम नगर कोतवाली से रिहा कर दिया गया।
वामपंथी दलों की ओर से गुरुवार दोपहर 12 बजे नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में गुलाबबाड़ी मैदान से गांधी पार्क तक प्रतिरोध मार्च की शुरुआत हुई। जैसे ही चंद कदम दूर रीढ़गंज चौराहे पर मार्च पहुंचा पुलिस ने रोक दिया।
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पुलिस अधिकारियों से माकपा नेता डॉ. अनिल सिंह, सत्यभान जनवादी व विनोद सिंह की नोंकझोंक शुरू हो गई। माकपा नेताओं को पुलिस ने धारा 144 लागू होने की हिदायत दी, फिर भी वे आगे बढ़ने लगे तो तो पुलिस ने बल पूर्वक भीड़ को तितर-बितर किया गया। इस दौरान महिला कार्यकर्ता रेनू सिंह, मुन्ना सिंह व विनोद सिंह को चोेटें भी आईं।
पुलिस प्रशासन ने डॉ. अनिल सिंह, विनोद सिंह, अशोक यादव, विष्णु प्रताप सिंह आदि को हिरासत में ले लिया। बाद नगर कोतवाली से देर शाम सभी को छोड़ दिया गया।
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डॉ. अनिल सिंह व सत्यभान जनवादी ने संयुक्त बयान में बताया है कि पुलिस मांगों के प्रति बर्बरता पूवर्क कार्रवाई कर जन आंदोलन को दबाना चाहती है। इसके लिए शहीद दिवस पर भी शहीदों की प्रतिमाओं पर मार्ल्यपण नहीं करने दिया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से प्रमुख माकपा के प्रमुख नेताओं के साथ धीरज द्विवेदी, पल्लन श्रीवास्तव, रेनू सिंह, इंद्रावती, रमावती समेत बड़ी संख्या में वामपंथी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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