अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय प्रबंध समिति सलाहकार सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने गुरुवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाले लोग पाकिस्तान को ऑक्सीजन दे रहे हैं।
उन्होंने कहा विहिप का हमेशा यह पक्ष रहा है कि जो हिंदू दूसरे देशों में उत्पीड़न की वजह से भारत आते हैं। उन्हें घुसपैठिया नहीं बल्कि शरणार्थी माना जाना चाहिए और यह जरूरी है कि इन शरणार्थियों को सम्मानजनक जीवन और समान अधिकार मिले। काफी समय बीत गया और शरणार्थियों को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने जो कदम उठाया है, वह इस देश को सुरक्षित और सुखमय बनाने वाला है। उन्होंने कहा नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश में पाकिस्तान परस्त तत्व अस्थिरता का माहौल बनाकर आग लगा रहे हैं और उसमें घी उड़ेलने का काम राष्ट्र विभाजक और लोकतंत्र विरोधी कांग्रेस व वामपंथी पार्टियां कर रही हैं।
ये वही लोग हैं, जो खाते इस देश का और गाते हैं पाकिस्तान और चीन की। उन्होंने कहा इस कानून के लागू होने से पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में इतिहास बनते जा रहे अल्पसंख्यकों को भारत में संरक्षण व संवर्धन प्रदान करना कहां से गलत है। भारत के कुछ राजनीतिज्ञ इसका विरोध कराकर इस राष्ट्र को आंतरिक और वाह्य रूप से कमजोर करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
चुनाव लड़ने वाले संत-धर्माचार्य भी न शामिल हों ट्रस्ट में
पुरुषोत्तम नारायण ने राममंदिर ट्रस्ट में राजनीतिक कार्यकर्ताओं को न शामिल किये जाने के गृहमंत्री अमित शाह के बयान का स्वागत किया। कहा कि वास्तव में श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु बनने वाले ट्रस्ट में राजनीतिक संगठन के कार्यकर्ताओं को शामिल नहीं करना चाहिए। साथ ही ऐसे संत-धर्माचार्यों से भी दूरी बनानी चाहिए जो कभी चुनाव लड़ें हों और उनमें राजनीतिक महत्वाकांक्षा हो। कहा कि ट्रस्ट में सामाजिक-धार्मिक और सांस्कृतिक उत्थान में सक्रिय और जिनकी आस्था श्रीराम भक्ति में निरंतर लगी हुई हो, ऐसे लोगों के सम्मिलित होने से इसकी गरिमा और बढ़ेगी।