अयोध्या। मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे लेखपालों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष और जिला मंत्री को निलंबित कर दिया गया है। 19 लेखपालों की सर्विस ब्रेक कर दी गई है।
साथ ही 314 आंदोलित लेखपालों को ब्रेक इन सर्विस का नोटिस भेजा गया है। दूसरी ओर लेखपालों ने बुधवार को भी अपना धरना-प्रदर्शन जारी रखा। कई कर्मचारी संगठनों ने लेखपालों के आंदोलन को समर्थन दिए जाने की घोषणा की है।
सीआरओ पीडी गुप्त ने बताया कि प्रदेश शासन से आए पत्र के बाद लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अमरनाथ पांडेय और मंत्री जय नरायन तिवारी को निलंबित कर दिया है।
जिले के 314 लेखपालों का ब्रेक इन सर्विस का नोटिस जारी किया है। समय पूरा होने के बाद 19 लेखपालों की सर्विस ब्रेक कर दी गई है। अन्य लेखपालों की समय सीमा गुरुवार को समाप्त हो जाएगी।द यदि हड़ताली लेखपाल काम पर नहीं लौटते हैं तो अगली कार्रवाई की जाएगी। धारा 144 के उल्लंघन में रिपोर्ट भी दर्ज हो सकती है।
हड़ताली लेखपालों के समर्थन में आए कर्मचारी संगठन
प्रशासन की कार्रवाई के साथ ही हड़ताली लेखपालों के समर्थन में कर्मचारी संगठनों ने समर्थन की घोषणा कर दी गई। लेखपाल सदर तहसील में बुधवार को भी आंदोलनरत रहे। कार्य बहिष्कार के साथ प्रदर्शन किया। नेताओं ने कहा कि 2016 से अब तक लेखपाल संघ ने तीन बार आंदोलन किया।
समझौते के बाद भी शासनादेश नहीं जारी किया गया। जिला मंत्री जय नरायन तिवारी ने कहा कि लेखपालों के न्यायपूर्ण धरने के समर्थन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, राजस्व संग्रह अमानी संघ, राजस्व निरीक्षक संघ, राजस्व महासंघ ने समर्थन का पत्र जारी किया है।
कहा कि यदि लेखपालों की न्यायपूर्ण मांगे न मानी गई और इनका उत्पीड़न किया गया तो पूरा प्रदेश ठप कर दिया जाएगा। धरने की अध्यक्षता जिलाधयक्ष अमरनाथ पांडेय और संचालन मंत्री जय नरायन तिवारी ने किया। धरने में दिनेश चौरसिया, सुभाषचंद्र पांडेय, नंनद लाल वर्मा, सौरभ सिंह, अशोक कुमार तिवारी, नकछेद भारती सहित तमाम अन्य लेखपाल शामिल रहे।