जिले में साढ़े आठ हजार से ज्यादा गरीबों को छत मुहैय्या कराई जाएगी। यह प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीणों को उपलब्ध कराए जाएंगे। विकास प्रशासन ने जांच के बाद इसकी सूची को फाइनल टच देना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही ब्लाॅकवार लक्ष्य का निर्धारण किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने इंदिरा आवास योजना का नाम बदलने के साथ ही पात्रता का तरीका भी बदल दिया। इंदिरा आवास के स्थान पर अब प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम दिया गया है। इसके लाभार्थियों के चयन लिए सामाजिक आर्थिक गणना को आधार बनाया गया।
नए मानक के अनुसार गांवों में लाभार्थियों की जांच कर ली गई है। इसके बाद अब ब्लॉक वार आवंटन किया जा रहा है। अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और अन्य लोगों को अलग-अलग आवंटन किया जा रहा है। जिले में 8695 गरीबों को आवास दिए जाएंगे।
पीएम आवास योजना के तहत पहले 70 हजार रुपये दिए जाते थे, मगर अब इसकी राशि को बढ़ाकर एक लाख 20 हजार कर दिया गया है। जिला ग्राम्य विकास परियोजना निदेशक एके मिश्र ने बताया कि जिले में योजना के लिए लाभार्थियों का चयन कर लिया गया है। इसकी सूचना शासन को भेजी जाएगी।