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अध्यापकों को प्रेरित नहीं कर पा रहा प्रेरणा एप

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अयोध्या। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति जांचने व अन्य सूचनाएं एकत्रित करने के लिए सरकार की ओर से लांच किया गया प्रेरणा एप अध्यापकों को प्रेरित नहीं कर पा रहा है। लांचिंग के दस दिन बाद भी विद्यालयों में इसका प्रयोग नहीं हो पा रहा है। अब तक सिर्फ नौ सौ स्कूलों में ही इसके प्रयोग की जानकारी विभाग द्वारा दी जा रही है। वहीं, शिक्षक संघ अभी भी इसे लेकर आर-पार के मूड में है।
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बीते चार सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेरणा एप की लांचिंग की थी। जिसे पांच सितंबर से लागू कराने का निर्देश सभी अधिकारियों को दिया था। इसके माध्यम से परिषदीय स्कूलों की दशा सुधारने की मंशा जाहिर की गई थी। शिक्षकों को प्रेरणा एप से उपस्थिति के लिए बच्चों के साथ सेल्फी भेजना है।
10:30 से 11 बजे के बीच मध्याह्न भोजन के ग्रहण करते समय दूसरी सेल्फी व एक बजे तीसरी सेल्फी प्रेरणा एप पर अपलोड करने का फरमान जारी किया गया था। इसके लिए सभी प्रधानाध्यापकों को एक-एक टैबलेट भी दिए जाने की योजना है। जब तक टैबलेट नहीं मुहैया कराया गया है, तब तक शिक्षकों को अपने स्मॉर्ट फोन में एप डाउनलोड करके इसका प्रयोग करने को कहा है। जो शिक्षकों को नागवार गुजर रही है। पहले दिन से ही शिक्षकों ने इसका जोरदार विरोध शुरू किया।
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कुछ ने संसाधनों के अभाव में इसका प्रयोग न करने की बात कही तो कुछ ने निजता का हनन करार दिया। पहले दिन ही शिक्षक सम्मान बचाओ दिवस के रूप में शिक्षकों ने काला दिवस मनाया और बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। 11 सितंबर से सड़क पर उतरकर पैदल मार्च निकाला और डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसी विरोध का असर है कि सरकार के निर्देश के बाद भी जिले में प्रेरणा एप का सुचारु रूप से उपयोग शुरू नहीं हो सका है।
जिले में मौजूदा समय में 1532 प्राथमिक व 566 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। विभाग के अनुसार बीते शनिवार तक जिले के करीब नौ सौ स्कूलों से ही प्रेरणा एप के माध्यम से सेल्फी भेजी गई है। इनमें भी कई स्कूलों में प्रेरणा एप को लेकर प्रशिक्षण न मिलने के अभाव में व अन्य तकनीकी खामियों के कारण शिक्षक इसका प्रयोग सही ढंग से कर नहीं पा रहे हैं।
शेष विद्यालयों में शिक्षक अभी भी पुरानी प्रथा पर ही कार्य कर रहे हैं। वहीं, अधिकारी भी लिखित आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शासन से इसके क्रियान्वयन को लेकर कोई निर्देश अभी तक प्राप्त न होने पर विभाग भी लाचार प्रतीत हो रहा है।
डीसी एमडीएम/पटल प्रभारी विनय त्रिपाठी ने बताया कि अब तक करीब नौ सौ स्कूलों में ही प्रेरणा एप का प्रयोग कर रहा है, जो ऑनलाइन वेबसाइट पर दर्शाया जा रहा है। शासन से निर्देश प्राप्त होते ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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