अयोध्या। राष्ट्रीय मेडिको ऑर्गेनाइजेशन द्वारा प्रारंभ की गई गोरक्षनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के समापन अवसर पर सोमवार को राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर में वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में विभिन्न रोगों के करीब 25 सौ मरीजों ने जांच, उपचार कराने के साथ-साथ दवाएं प्राप्त कीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन से लड़ने की तैयारियां पूरी हैं।
प्राप्त हो रही सूचनाओं के आधार पर सभी तैयारियों का मॉकड्रिल के माध्यम से परीक्षण किया जा रहा है। सभी 550 ऑक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर, पीआईसीयू के साथ-साथ मैन पावर की भी समस्त तैयारी हो चुकी है।
प्रतिदिन दो लाख लोगों की जांच हो रही है। प्रतिदिन 12 से 15 लाख तक टीकाकरण भी किया जा रहा है, जिसे बढ़ाकर 20 लाख किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना कंट्रोल कमांड सेंटर के साथ ही निगरानी समिति, आरआरटी आदि को सक्रिय किया गया है।
बाहर से आने वालों की सूचना प्राप्त होते ही उनकी जांच, कांटेक्ट ट्रेसिंग आदि प्रक्रियाएं प्रारंभ होंगी। कहा कि गाजियाबाद में ओमिक्रॉन के दो केस मिले थे, जो ठीक हो गए हैं। एक मामला और मिला है, वह नियंत्रण में है।
कहा कि 57 जिलों में सीटी स्कैन लग चुका है। शेष जिलों में भी सीटी स्कैन व डिजिटल एक्स-रे मशीन लग रही है। 13 जनपदों में डायलिसिस की व्यवस्था भी होगी।
डॉक्टर की कमी पहले थी, जिसे दूर करते हुए 620 विशेषज्ञों को सीएचसी पर सीधे तैनात किया जा रहा है। इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संगठन मंत्री अनिल व अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शिविर में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से आए हुए चिकित्सकों ने अपने अनुभव मंच से साझा किए। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय कुमार ने स्वास्थ्य यात्रा की योजना एवं शिविर के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
संयोजक डॉ. एमएल के भट्ट ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए वृत्त प्रस्तुत किया। डॉ. प्रभात ने खंड स्तर तक चिकित्सा सुविधाओं की व्याख्या की। संगठन मंत्री अनिल ने गांवों में चिकित्सा के प्रारूप में चिकित्सकों के कर्तव्यों पर प्रकाश डाला।
मेडिकल कॉलेज के सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यजीत वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर में 25 सौ मरीजों ने इलाज करवाया। शिविर में एसीएमओ डॉ. अजय मोहन, जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. सीबीएन त्रिपाठी, सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह, ब्लड बैंक के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार सिंह, डीपीए महामंत्री डॉ. योगेंद्र त्रिपाठी, डॉ. पीयूष गुप्ता, डॉ. वीरेंद्र वर्मा, डॉ. रीना शर्मा, डॉ. अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।