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कोरोना मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज शुरू कराने की तैयारी

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अयोध्या। कोरोना संक्रमित के इलाज के लिए जिले में अब निजी अस्पतालों का भी सहारा लिया जाएगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बीते दिनों आईएमए के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में निजी अस्पतालों में करीब 100 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था बनाई जा रही है।
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जिसमें चार बड़े अस्पतालों ने सहमति भी दे दी है। यहां भर्ती होने वाले कोविड मरीजों से इलाज के एवज में आठ से 12 हजार रुपये तक शुल्क लिया जाएगा। जबकि, ऑक्सीजन सिलेंडर व सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा जिला प्रशासन का होगा।
जिले में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अब तक सिर्फ मेडिकल कॉलेज में 200 बेड का एल-2 अस्पताल बनाया गया है। यहां भी सिर्फ 120 बेड पर ही ऑक्सीजन पाइप लाइन का इंतजाम होने से इतने ही मरीजों का ही इलाज हो पा रहा है।
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यहां पर आए दिन तमाम अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए मरीज के तीमारदारों व स्वास्थ्यकर्मियों के मध्य विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
ऐसे में तमाम मरीज निजी अस्पतालों में इलाज की मांग कर रहे थे, लेकिन ऑक्सीजन की किल्लत के साथ सुरक्षा के कारणों की वजह से निजी अस्पताल इसके लिए आगे नहीं आ रहे थे।
मौजूदा समय में जिले के लगभग सभी निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन के अभाव व अन्य तमाम कारणों से सामान्य मरीजों के लिए भी ओपीडी व आईपीडी सेवाएं बंद हो गई हैं।
भविष्य में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अब निजी अस्पतालों में भी कोविड मरीजों के इलाज शुरू कराने की रणनीति बनाई है।
बीते दिनों जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह व आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अफरोज की मौजूदगी में आईएमए के चिकित्सकों के साथ बैठक करके निजी अस्पतालों में इलाज शुरू कराने की बात उठाई गई।
आवश्यक संसाधन युक्त जिले के 10 बड़े अस्पतालों के चिकित्सकों के साथ हुई बैठक में आईएमए ने जिला प्रशासन से ऑक्सीजन की उपलब्धता कराने व सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने का प्रस्ताव रखा।
बैठक में तय किया गया कि मरीजों से तीन वर्गों में इलाज के लिए शुल्क लिया जाएगा। जिसमें शर्तानुसार न्यूनतम आठ हजार से 12 हजार रुपये तक लिया जा सकता है। इसी धनराशि में उन्हें मानक के अनुसार भोजन व नाश्ता भी उपलब्ध कराना होगा।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अफरोज ने बताया कि जिलाधिकारी ने बैठक में 50 से 100 बेड निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए आरक्षित करने की मंशा जाहिर की है।
जिसके उपरांत कुछ अस्पताल इसके लिए आगे आ रहे हैं। अन्य चिकित्सकों से वार्ता की जा रही है, सहमति बनते ही अन्य अस्पतालों में भी सेवाएं शुरू कराई जाएंगी। ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया है।
निजी अस्पतालों में सौ बेड आरक्षित करते हुए कोविड मरीजों का इलाज करने की अनुमति दी जा रही है। अभी तक जगत हॉस्पिटल नाका चुंगी, निर्मला हॉस्पिटल साकेतपुरी, आनंद मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल नियांवा व देवा हॉस्पिटल तैयारी कर रहे हैं। शीघ्र ही सेवाएं शुरू की जाएंगी। यह अस्पताल मरीजों से अधिकतम आठ से 12 हजार रुपये तक ले सकेंगे। ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।-डॉ. घनश्याम सिंह, सीएमओ, अयोध्या
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