नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों का पहला दिन ही संघर्षपूर्ण रहा। पहले ही दिन ग्राम पंचायत की कमेटियों पर काबिज होने के लिए आधा दर्जन गांवों में सिर फुटव्वल हुई है। करनपुर ग्राम पंचायत का मामला कोतवाली पहुंचा है। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों की शनिवार को पहली बैठक में कमेटी बनाने और उसमें शामिल होने के लिए तोरोमाफी, कौड़ेला, करनपुर सहित कई गांवों में झड़प हुई।
बैठक छोड़कर पंचायत अधिकारियों को भागना पड़ा। तोरोमाफी में निर्माण समिति के अध्यक्ष को लेकर कई दावेदारों के सामने आने से हुई कहासुनी के बाद पंचायत सचिव लक्ष्मन वर्मा को गठन रोकना पड़ा। इसी तरह से कौड़ेला गांव में गुटबाजी के कारण ग्राम सदस्यों के कम पहुंचने से बैठक टालनी पड़ी।
जेरुवा, भावापुर, शिवतर में समिति गठन में सहमति नहीं बनने से यहां भी गठन नहीं हो सका। करनपुर में प्रधान अरविंद सिंह और सदस्यों के बीच निर्माण समिति के अध्यक्ष पद को लेकर गाली-गलौज और मारपीट की नौबत आ गई। हालात इतने बिगड़ गए कि सेक्रेटरी शिवराम गुप्ता को भागना पड़ा।
करनपुर गांव के मामले में तीन ग्राम पंचायत सदस्यों वाले बृजेश सिंह बैचलर ने कोतवाली में शिकायत पत्र भी दिया है, जिसमें प्रधान पुत्रों पर गाली देने और मारपीट का आरोप भी लगाया है। मामले में कोतवाल एसके मिश्र ने बताया की मामले में जांच की जा रही है। दोनों पक्षों को बुलाया गया है।