अयोध्या। महिला ग्राम प्रधान ने अपने ही जेठ व देवर को ग्राम सभा की सरकारी भूमि बैनामा कर दी। यही नहीं बिक्री के पांच लाख रुपये लेने के साथ प्रधान ने सार्वजनिक आबादी में लगे महुआ के पेड़ को दो लाख में बेचकर जेब भर ली।
लेखपाल भी इस गोरखधंधे में मददगार रहा। मामला बीकापुर तहसील व कोतवाली क्षेत्र के भरहूखाता गांव का है। मामले में डीएम ने क्रेता-विक्रेता पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
भू-माफिया के सख्त हुए शासन व प्रशासन के पास इन दिनों रोजना शासकीय भूमि पर अतिक्रमण से लेकर बेचने तक के मामले आ रहे हैं। बीकापुर तहसील के भरहूखाता निवासी रामफेर ने जिलाधिकारी अनुज कुमार झा से शिकायत की थी कि गांव के लेखपाल अवधेश मिश्रा व ग्राम प्रधान इकबाल जहां ने साजिश के तहत ग्राम सभा की आबादी की जमीन में स्थित महुआ का पेड़ दो लाख में बेच लिया।
इसके साथ ही सड़क के किनारे की बेशकीमती जमीन गाटा संख्या 117 का बैनामा भूमि प्रबंधक समिति की ओर से 2 जुलाई 2018 को ग्राम प्रधान इकबाल जहां के जेठ जलालुद्दीन देवर व इस्लामुद्दीन के नाम बैनामा कर दिया गया।
बैनामा से मिलने वाली पांच लाख की धनराशि ग्राम सभा के कोष में न जमा कराकर लेखपाल व ग्राम प्रधान ने हड़प लिया। मामले में जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने क्रेता और विक्रेता के खिलाफ अविलंब एफआईआर दर्ज करवाने और ग्राम सभा की जमीन से कब्जा हटवाने का आदेश दिया है।