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15 कॉलेजों में बढ़े प्रवक्ताओं के पद

Wed, 15 Jul 2015 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
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डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध अनुदानित कॉलेजों में शासन के फैसले से प्रवक्ताओं के नए पद सृजित हुए हैं। बताया जा रहा कि विवि से संबद्ध 15 एडेड कॉलेजों मेें प्रवक्ताओं के नए पदों का सृजन हुआ है। इसमें आचार्य नरेंद्रदेव पीजी कॉलेज गोंडा में सर्वाधिक 40 प्रवक्ता के पद बढ़े हैं।
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बताते चलें कि बीते दिनों प्रदेश सरकार ने डिग्री कॉलेजों में प्रवक्ताओं के खाली पदों पर नई भर्ती करने का फैसला लिया है। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों में 1296 प्रवक्ताओं के नए पदों का सृजन किया गया है। अवध विवि से संबद्ध 15 कॉलेजों में भी प्रवक्ताओं के पद बढ़े हैं, लेकिन काफी कम। अकेले आचार्य नरेंद्रदेव पीजी कॉलेज बभनान गोंडा में ही सबसे ज्यादा 40 प्रवक्ताओं के पद सृजित हुए हैं। जिन कॉलेजों में प्रवक्ता के पद बढ़े हैं, उनमें पीबी पीजी कॉलेज प्रतापगढ़ में रसायन विज्ञान में एक, राजनीति शास्त्र में दो, प्राचीन इतिहास में दो व सैन्य विज्ञान में एक पद, एमडी पीजी कॉलेज प्रतापगढ़ में प्राचीन इतिहास में एक, स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रतापगढ़ व मदन मोहन मालवीय कॉलेज कालाकांकर प्रतापगढ़ में हिंदी के एक-एक पद बढ़े हैं। हेमवती नंदन बहुगुणा पीजी कॉलेज प्रतापगढ़ में समाजशास्त्र में एक, शिक्षाशास्त्र एक व हिंदी में एक, बीएनकेबी पीजी कॉलेज अंबेडकरनगर में एक, राजा मोहन गर्ल्स पीजी कॉलेज फैजाबाद में एक, साकेत महाविद्यालय अयोध्या में तीन, राणा प्रताप महाविद्यालय सुल्तानपुर में एक, गनपत सहाय पीजी कॉलेज सुल्तानपुर में पांच, संजय गांधी पीजी कॉलेज चौकिया सुल्तानपुर में एक, किसान महाविद्यालय बहराइच में 11 और महिला महाविद्यालय बहराइच में आठ पद बढ़े हैं।
आचार्य नरेंद्रदेव किसान महाविद्यालय गोंडा में जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र व गणित में एक-एक, हिंदी में चार, अंग्रेजी में एक, समाजशास्त्र में 13, इतिहास में एक, भूगोल में सात व सैन्य विज्ञान में नौ पद तथा लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोंडा में चार पद बढ़े हैं। एएनडी पीजी कॉलेज गोंडा के प्राचार्य व विवि प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि शासन के फैसले से अब संबद्ध कॉलेजों में शिक्षकों की संख्या बढ़ने से सीटों पर भी असर पड़ेगा। इसका लाभ छात्रों को भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में केवल उनके कॉलेज में 40 प्रवक्ताओं के पद सृजित किए गए हैं। इसकी वजह कॉलेज को नैक मूल्यांकन में प्लस बी ग्रेड मिलना भी है। उन्होंने बताया कि बाराबंकी, सुल्तानपुर व बलरामपुर के कुछ बड़े कॉलेजों में पद नहीं बढ़े हैं।
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