इससे परिसर में खेल से संबंधित सारा कामकाज ठप है और विवि से जुड़े खिलाड़ी व पदाधिकारी परेशान हैं। पिछले कई महीनों से कोई खेल गतिविधियां भी नहीं संपन्न हो सकी हैं।
बताते चलें कि विश्वविद्यालय परिसर में खेल से संबंधित गतिविधियों के सफल संचालन व अन्य कार्यों के लिए अलग से एक स्टूडेंट एमिनिटी सेंटर बनाया गया है।
इसी में बैडमिंटन कोर्ट भी है और ऊपर विवि क्रीड़ा परिषद का कार्यालय है। पिछले दिनों मुख्य परीक्षा के दौरान जब कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल ने सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन से पीएसी की व्यवस्था मांगी, तो विवि को एक प्लाटून पीएसी उपलब्ध करा दी गई।
यहां दसवीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी तैनात है। विवि प्रशासन ने पीएसी कर्मियों को किसी खाली भवन में रुकवाने के बजाय कुलपति कार्यालय से चंद कदम दूर स्टूडेंट एमिनिटी सेंटर में ठहरा दिया।
जबकि परिसर में कई भवन निष्प्रयोज्य व खाली पड़े हैं। पीएसी कर्मियों के रहने से एमिनिटी सेंटर में न तो कोई कार्य हो पा रहा और न ही क्रीड़ा परिषद के पदाधिकारी अपने कार्यालय में बैठ पा रहे।
बताया जा रहा कि स्टूडेंट एमिनिटी सेंटर में नीचे पीएसी तो ऊपर कुलपति के सुरक्षाकर्मियों ने कब्जा जमा रखा है। इस वजह से विवि में दूरदराज से आने वाली छात्राओं को भी विभिन्न तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अब परीक्षा समाप्त हो गई है, तो पीएसी के ठहरने का कोई औचित्य भी नहीं समझ में आता।
विवि कोर्ट सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने परिसर से पीएसी तथा क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि अध्यक्ष पर पहले से कई जिम्मेदारी है। इस संबंध में रजिस्ट्रार एएम अंसारी ने फोन रिसीव नहीं किया।
अवध विवि फैजाबाद के क्रीड़ा परिषद अध्यक्ष व वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. एचपी पांडेय ने कहा कि स्टूडेंट एमिनिटी सेंटर में पीएसी कर्मियों को विवि प्रशासन ने ठहराया है। हम इस संबंध में कुछ नहीं कह सकते। सभी भवनों के कस्टोडियन विवि के रजिस्ट्रार होते हैं। लिहाजा इस संबंध में रजिस्ट्रार ही जानें।