फ्लैग- सियासत के चक्रब्यूह में घिरे सियासी घराने, कई की साख फंसी
-दिग्गजों के बेटा-बहू और पत्नी को मिली कड़ी चुनौती
-कैबिनेट मंत्री अवधेश के पुत्र व पत्नी लड़ाई से बाहर
-मित्रसेन की दो बहुंए जीत की ओर, बेटी 14 वें स्थान पर
-एमएलसी लीलावती कुशवाहा की बेटी पांचवें स्थान पर खिसकीं
-पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी, ठेकेदार अनिल सिंह की प्रतिष्ठा फंसी
-पूर्व मंत्री सीताराम निषाद की पुत्रवधू भी कड़े संघर्ष में
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद।
यहां बाबूजी ने जिस पर दांव लगाया, वह भी लड़ाई से बाहर होता दिखा। सपा एमएलसी लीलावती कुशवाहा भले ही सूबे में मंत्री बनने की लालसा में हों, मगर बेटी को सपाइयों की आपसी रार से हार की ओर जाने से नहीं रोक सकी। भाजपा विधायक रामचंद्र यादव, पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी भी साख बचाने की जद्दोजहद करते दिखे।
मतगणना के रुझान इस बात की ओर साफ संकेत कर रहे हैं कि बड़ी कुर्सियां संभाल रहे दिग्गजों को जनता ने आइना दिखाया है। पंचायत चुनाव में मंत्री, विधायकों के करीबियों को छोड़ दें तो उनके कई परिजन भी चुनाव मैदान में उतरे, मतदान के बाद मतगणना में रविवार को बैलेट बाक्स खुलने शुरू हुए तो इनके समर्थक भी दांतों तले ऊंगली दबाने पर मजबूर हो गए।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की सियासत को केंद्र में रखकर लड़े जा रहे चुनाव के खेल में कई बड़ों का खेल बिगड़ भी सकता है। इसी खेल में सूबे के कैबिनेट मंत्री अवधेश प्रसाद की पत्नी और बेटे भी चुनाव मैदान में हैं लेकिन दोनों को ही कड़े संघर्ष में फंस गए हैं।
मिल्कीपुर प्रथम से उनका पुत्र अमित प्रसाद और सोहावल द्वितीय से उनकी पत्नी सोना देवी पांचवें चक्र में की गणना में काफी पीछे हो गई हैं। भाजपा विधायक राम चंद्र यादव के भाई की पत्नी भी चुनाव मैदान में हैं लेकिन देर शाम तक गणना में उनको कड़ी चुनौती मिल रही है। अमानीगंज तृतीय से उनके भाई की पत्नी कमलेश कुमारी पीछे हैं।
इसी तरह अभी हाल ही में एमएलसी बनाई गई लीलावती कुशवाहा को पंचायत चुनाव से तगड़ा झटका लगने की संभावना है। उनकी बेटी आधी मतगणना के बाद काफी पीछे चली गई है। मसौधा प्रथम से उनकी पुत्री अलका कुशवाहा छठे चरण की मतगणना चौथे स्थान पर पहुंच गई हैं।
अलबत्ता बीकापुर से विधायक रहे स्व. मित्रसेन यादव का सियासी घराना बढ़त बनाए हुए है। उनकी दोनों बहुएं मतगणना में आगे चल रही हैं। हैरिंग्टनगंज तृतीय से उनके बेटे व पूर्व मंत्री आनदंसेन यादव की पत्नी इंदुसेन यादव आगे हैं तो हैरिंग्टनगंज द्वितीय उनके बेटे व आईपीएस अरविंदसेन यादव की पत्नी प्रियंका सेन यादव भी आगे हैं।
अलबत्ता चुनाव लड़ रही उनकी बेटी मतगणना में पीछे चल रही हैं। परिवार की इस बेटी को लेकर सेन परिवार ने पहले ही समर्थन न देने की घोषणा की थी। इस सीट पर स्व. मित्रसेन ने निधन से पहले ही अपने करीबी सुरेश निषाद को प्रत्याशी तय कर रखा था लेकिन निषाद भी पीछे चल रहे हैं।
यहां आजाद उम्मीदवार विनय सिंह आगे चल रहे हैं। भाजपा नेता व पूर्व विधायक को इस चुनाव से तगड़ा झटका लगा है। उनकी पुत्रवधू मसौधा तृतीय से शांति बाला चुनाव में कड़े संघर्ष में हैं। चर्चित ठेकेदार अनिल सिंह का सियासत से सबका बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है। मिल्कीपुर द्वितीय से उनके भाई की पत्नी श्वेता सिंह कड़े संघर्ष में हैं।
सोहावल चतुर्थ से सयुस के जिलाध्यक्ष की माता शोभावती सिंह भाजपा के खुन्नू पांडेय की पत्नी जनक लली से संघर्ष में हैं। सूबे में दो बार मंत्री रहे सीताराम निषाद की प्रतिष्ठा भी फंस गई है। तारुन प्रथम से भाजपा समर्थित प्रत्याशी उनकी पुत्रवधू रेखा रानी निषाद बीएसपी समर्थित प्रत्याशी मिथलेश वर्मा से खासे अंतर से पीछे हो गई हैं।
भंवर में फंसा मंत्री जी का परिवार
दिग्गज सपा नेता व कैबिनेट मंत्री अवधेश प्रसाद ने मिल्कीपुर प्रथम से पुत्र अमित कुमार को लड़ाया। कई चक्रों की मतगणना के बाद आ रहे रुझानों ने अवधेश प्रसाद के समर्थकों के चेहरे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। अमित कुमार तीसरे स्थान पर खिसक गए। तकरीबन दो हजार वोट से आजाद उम्मीदवार आरती प्रियदर्शी से पीछे चल रहे हैं।
आठवें चरण की मतगणना के दौरान मौजूद लोग कहने लगे हैं कि रात बढ़ने के साथ सियासी भंवर में फंस गए मंत्री जी। दरअसल पिछले पंचायत चुनाव में अवधेश के बड़े पुत्र अजीत भी चुनावी मैदान में खेत रहे। वहीं दूसरी ओर मंत्री की पत्नी सोना देवी भी अपने पुत्र की तरह ही घिरी नजर आ रही है।
सोहावल द्वितीय से पांचवे चक्र की गणना तक सोना देवी रौनाही के मिर्जा परिवार की अस्करा मिर्जा के मुकाबले ठीक से टिक ही नहीं पा रही है। अस्करी मिर्जा और रश्मि जायसवाल के बीच लड़ाई चल रही है जबकि सोना देवी तो चौथे स्थान पर खिसकी गई है। सोना देवी जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं।
सपाइयों की रार में घिर गईं लीलावती की पुत्री अलका
शहर से सटे मसौधा प्रथम का रुझान गजब का है। यहां पर तीन सपाई ताल ठोंक दिए जिसके कारण सपा एमएलसी लीलावती कुशवाहा की पुत्री अलका कुशवाहा घिरी हुई नजर आ रही है। फिलहाल मिल रहे रुझान संकेत कर रहे है कि उनकी हार तकरीबन तय है। छठे चक्र तक बसपा की इशरत जहां 2517 वोट, भाजपा की किरन वर्मा 2025, सपा के वरिष्ठ नेता डिप्पुल पांडेय की पत्नी आशा पांडेय 1855, सपा नेता भगौती की पत्नी विमला यादव 1826, एमएलसी लीलावती कुशवाहा की बेटी अलका कुशवाहा को 816 मत हासिल हुआ है। लीलावती के समर्थक कहने लगे है कि पार्टी के नेता आपस में लड़ गए, सपाइयों की आपसी रार में अलका घिर गईं।
मित्रसेन पुत्रवधुएं आगे पर बेटी 14वें स्थान पर
सियासत की विरासत का डंका यदि कहीं ठीक से बजा तो वह स्व. मित्रसेन यादव के क्षेत्र में। लेकिन यह सिर्फ पुत्रवधुओं के लिए ही रहा जबकि उनकी बेटी जिसका साथ न तो सपा ने ही दिया और न ही मतदाताओं ने ही। हैरिग्टनगंज प्रथम से आजाद उम्मीदवार विनय सिंह पहले, करमराज यादव दूसरे व तकरीबन 700 वोट पर कुसुमलता 14 वें स्थान पर है। हैरिंग्टनगंज द्वितीय से मित्रसेन यादव की बहू व आईपीएस अरविंद सेन यादव की पत्नी प्रियंका सेन यादव 5200 मत पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी संतोष सिंह (2900 मत) पर पहले चरण से ही लगातर निर्णायक बढ़त बनाई हुई है।
हैरिंग्टनगंज तृतीय से मित्रसेन यादव की बहू व पूर्व मंत्री आनदंसेन यादव की पत्नी इंदुसेन यादव 6300 मत पांकर बीएसपी के निकटतम प्रतिद्वंदी छोटेलाल (4000)से लगातार आगे चल रही है। मित्रसेन के समर्थक इसे बाबूजी की लोकप्रियता का परिणाम बता रहे है।
विधायक रामचंद्र यादव के भाई की पत्नी पीछे
अमानीगंज तृतीय से भाजपा विधायक रामचंद्र यादव के भाई की पत्नी कमलेश कुमारी फिलहाल अभी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी श्याम जी कौशल से पीछे चल रही है, लेकिन टक्कर कांटे की है। मिल रहे रुझान बता रहे है कि दोनों में कोई भी बाजी मार सकता है।
सयुस जिलाध्यक्ष की माता ने बनाई बढ़त
- सोहावल चतुर्थ सीट से सयुस के जिलाध्यक्ष अनूप की माता शोभावती सिंह 3600मत पाकर से 12 सौ मतों से आगे। लेकिन भाजपा के खुन्नू पांडेय की पत्नी जनक लली से कड़ी लड़ाई चल रही है।
फीका दिखा धनबल का डंका
मिल्कीपुर द्वितीय में बड़े कांट्रेक्टर अनिल सिंह के धनबल का खास असर नहीं दिखाई पड़ रहा है। रुझान संकेत कर रहे है कि जनता-जर्नादन ने उनके धनबल को फीका कर दिया। सपा की मीरा यादव और अनिल के भाई की पत्नी श्वेता सिंह में लड़ाई चल रही है कि लेकिन शुरुआत से ही मीरा बढ़त बनाई हुई है और यह अंतर बढ़कर छह सौ हो गया है।
भाजपा के पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी की बहू घिरीं
- मसौधा तृतीय से पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी की बहू शांतिबाला प्रियदर्शी सिर्फ 723 वोट पाकर पांचवे स्थान पर खिसक चुकी है। वैसे तो इनकी फिसलन शुरू से ही बरकरार रही। यहां पर हेमलता और ज्ञानमती में कांटे का टक्कर चल रही है।
पूर्व मंत्री सीताराम निषाद की बहू ढाई हजार से पीछे
अपने समय के दिग्गज नेता रहे पूर्व मंत्री सीताराम निषाद की पुत्र बहू भाजपा समर्थित रेखारानी निषाद बसपा कर मिथिलेश वर्मा से ढाई हजार वोट से पीछे चल रही है। सीताराम निषाद के परिजन पहली बार ऐन पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा के हमराह हुए लेकिन उन्हें सियासी सफलता मिलती हुई नहीं दिख रही है।
.
जिला पंचायत अध्यक्ष मीना देवी ने बनाई मामूली बढ़त
रुदौली चतुर्थ से जिला पंचायत अध्यक्ष मीना देवी छठे चक्र तक भाजपा समर्थित ओमप्रकाश यादव से डेढ़ हजार की बढ़त बनाई थी लेकिन इसके बाद उनकी बढ़त कम होती चली गई जो इस समय सिर्फ पांच सौ रह गई।
धन का नहीं दिखा बल
तारुन। तारुन चतुर्थ में ईट के बड़े कारोबारी प्रत्याशियों को एक आर्केस्ट्रा कंपनी के संचालक ने बतौर आजाद उम्मीदवार उतरकर ईंट से ईंट बजा दी। रामस्वरूप फैजाबादी आर्केस्ट्रा कंपनी के रामस्वरूप ने सपा के मनीराम वर्मा व बसपा के मणींद्र शुक्ला पर लगातार बढ़त बनाए हुए है। मनीराम और मणींद्र ईट व्यवसायी परिवार से है। प्रथम स्थान पर रामस्वरूप, द्वितीय पर मनीराम और तृतीय पर मणींद्र है। रामस्वरूप ने 900 वोट से बढ़त बना रखी है। बढ़त के पीछे प्रमुख कारण कलाकारों की ओर से गांव-गांव किए गए नाट्यमंचन को बताया जा रहा है।