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तीसरे दिन भी जांच की दिशा नहीं तय कर सकी पुलिस

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अयोध्या। शहर के श्रीरामपुरम कॉलोनी में शिक्षिका की हत्या के मामले में पुलिस तीसरे दिन भी जांच की दिशा नहीं तय कर पाई है। हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी सिटी के नेतृत्व में लगाई गई टीमें शुक्रवार को भी सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर खंगालते हुए परिजनों व आसपास के लोगों से पूछताछ करती रहीं। हालांकि, पुलिस शीघ्र ही वारदात का खुलासा करने का दावा कर रही है।
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श्रीराम पुरम कॉलोनी निवासी सुरेश वर्मा की पुत्री शिक्षिका सुप्रिया वर्मा (30) की बुधवार को दिनदहाड़े धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। मौके पर निर्माणाधीन मकान में मजदूर कार्य कर रहे थे। घटना के समय शिक्षिका का पति उमेश वर्मा शिक्षिका की मां को लेकर बैंक गया था और महज 22 मिनट के भीतर ही सारी वारदात को अंजाम दे दिया गया।
मृतका के पति उमेश वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू की है। वारदात का खुलासा करने के लिए पुलिस कीे चार टीमें लगी हैं। सीओ अयोध्या व सीओ क्राइम भी एसपी सिटी के नेतृत्व में घटनास्थल पर डटे हैं। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है, लेकिन अब तक की हुई पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
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मृतका के शरीर पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 10 से अधिक घाव बताए गए हैं। इनमें गले, सिर, पीठ समेत अन्य हिस्सों में धारदार हथियार से घाव किए गए हैं। पुलिस अफसरों के अनुसार जिस तरह घाव किए गए हैं, उससे प्रतीत होता है कि किसी ने आक्रोश में वार किया हो, लेकिन अधिक लोगों के कमरे में पहुंचने के कारण कोई फिंगर प्रिंट भी नहीं मिल पा रहा है, जिससे जांच आगे बढ़ सके।
पुलिस को अब तक हुई छानबीन में एक सवाल खासा परेशान कर रहा है कि जब आसपास के सीसीटीवी में कुछ खास नहीं दिख रहा है तो 22 मिनट के भीतर कौन किस रास्ते से आ गया और सफाई से हत्या करके फरार हो गया। अब तक खंगाली गई सीडीआर में भी पुलिस को कुछ खास जानकारी नहीं मिल सकी है, जिसके आधार पर किसी भी एक पहलू पर आगे बढ़ा जा सके।
अभी तक सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की गई है। कई-कई टीमें एक साथ लगाई गई हैं, लेकिन अभी तक कोई सटीक कड़ी नहीं मिल पा रही है, जिसके भरोसे जांच आगे बढ़ाई जा सके। फिर भी कुछ ऐसे सुराग भी हाथ लगे हैं, जिससे उम्मीद है कि शीघ्र ही मामले का खुलासा किया जाएगा।-विजय पाल सिंह, एसपी सिटी, अयोध्या
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