नोटबंदी के इतने दिनों बाद भी अभी बैंक और एटीएम की स्थिति सामान्य होती नहीं दिख रही है। शनिवार को शहर से लेकर दूर दराज के तहसील मुख्यालयों और प्रमुख बाजारों में बैंक की शाखाओं और एटीएम के सामने ग्राहकों की लंबी कतारे लगी रहीं। कहीं पर ‘नो कैश’, तो किसी एटीएम पर ‘पैसा देने में असमर्थ’ जैसी सूचनाएं चस्पा थीं।
शहर के मोदहा, कोशलपुरी, देवकाली, नियांवा, रीडगंज, फतेहगंज, चौक, नाका मकबरा, साहबगंज, वजीरगंज जफ्ती आदि जगहों पर स्थित बैंक और एटीएम गत दिनों की तरह कैस की किल्लत से जूझते रहें।
ज्यादातर स्थानों पर एटीएम पहले ही तरह कैश के अभाव में निष्प्रयोज्य हालत में रहें। कमोबेश ऐसी ही तस्वीर बीकापुर, सोहावल, मया बाजार, गोसाइगंज, पूरा बाजार, अमानीगंज, रुदौली, मवई, हैरिंग्टनगंज, मिल्कीपुर और कुमारगंज आदि क्षेत्रों की भी रही।
लीड बैंक बीओबी के मैनेजर ओपी शुक्ला ने बताया कि स्थितियों को बेहतर किए जाने की कोशिशें तेजी से की जा रही है। उम्मीद है कि शीघ्र ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
2000 का नोट अनजान को मत दिखाइए : बाजार रामपुरभगन व आसपास के क्षेत्रों में असली नोट लेकर नकली नोट देने वालों का गिरोह सक्रिय है। गिरोह के सदस्य आपसे 2000 का नोट देखने के बहाने पलक झपकते ही नकली नोट से बदल देते हैं।
यह बातें शनिवार को बीओबी के ब्रांच मैनेजर एसके गोस्वामी ने रामपुरभगन में हुई ग्राहक गोष्ठी के दौरान उपभोक्ताओं से कहीं। उन्होंने कहा कि जाली नोटों का शिकार ज्यादातर महिलाएं हो रही हैं। ऐसे दो वाकये बैंक में आ चुके हैं।
घटना की शिकार एक महिला ने मैनेजर से मिलकर अपना नोट दिखाया और कहा कि यह नोट लोग नकली बता रहे हैं। मैनेजर की पूछताछ में उस महिला ने एक अनजान व्यक्ति के नोट देखने के लिए मांगने की बात स्वीकार की।
बैंक मैनेजर ने सबको सचेत रहने के लिए इस गिरोह की बारीकियां बताई। उन्होंने बताया कि इसी तरह की दूसरी घटना की शिकार ठेला चलाने वाले रामपुरभगन निवासी रामकेवल की पत्नी भी हुई है।