अयोध्या। बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित जिले के 24 परिषदीय विद्यालयों की सूरत पीएम श्री योजना बदलेगी। चयनित सभी विद्यालयों में करीब दो करोड़ की लागत से उच्चीकृत करके कक्षा 12 तक की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। साथ ही इन्हें तमाम आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी 11 विकासखंड व नगर क्षेत्र में 1222 प्राथमिक, 269 उच्च प्राथमिक व 301 कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में मौजूदा सत्र में 2.35 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सभी विकासखंड के दो-दो विद्यालयों को केंद्र सरकार की ओर से पीएम श्री विद्यालय के रूप में उच्चीकृत करने की कवायद दिसंबर 2021 में प्रारंभ हुई थी।
केंद्र सरकार की तरफ से यूडायस के आधार पर किए गए सर्वे में जिले के 423 परिषदीय विद्यालयों को चिह्नित किया गया था। इनकी सूची तैयार करके 31 दिसंबर तक इन सभी विद्यालयों ने ऑनलाइन आवेदन किया था।
तय किए गए 61 मानकों पर 15 जनवरी तक सत्यापन करके बीएसए ने रिपोर्ट भेजी थी। इसके आधार पर मानकों पर खरा उतरने वाले 24 विद्यालयों का चयन पीएम श्री विद्यालय के रूप में किया गया है।
इन विद्यालयों का हुआ चयन
रुदौली ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय शुजागंज व कंपोजिट विद्यालय पुरैन। मवई के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रानीमऊ व कंपोजिट विद्यालय बरौली। मसौधा के कंपोजिट विद्यालय मुमताजनगर व पाराकैल। अमानीगंज के कंपोजिट विद्यालय खंडासा व मांझगांव। बीकापुर के कंपोजिट विद्यालय शेरपुर पारा व कोछा।
तारुन के कंपोजिट विद्यालय तारुन व कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय थरियाकला। पूरा के कंपोजिट विद्यालय माझा तिहुरा व अंकवारा। हैरिंग्टनगंज के कंपोजिट विद्यालय शाहगंज प्रथम व ताजपुर द्वितीय।
मिल्कीपुर के कंपोजिट विद्यालय कुरावन व सिरसिर। मया के प्राथमिक विद्यालय अंकारी व गद्दोपुर। सोहावल के कंपोजिट विद्यालय बड़ागांव व मंगलसी और नगर क्षेत्र के कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय पूरे कंदई व प्राथमिक विद्यालय कटरा।
पीएम श्री विद्यालयों की विशेषताएं
इन विद्यालयों को उच्चीकृत करके कक्षा 1 से 12 तक की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसके लिए इन्हें भवन के साथ-साथ आधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा।
इन्हें हरित ऊर्जा से समृद्ध विद्यालयों के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा। रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सौर ऊर्जा, ठोस एवं द्रव्य अपशिष्ट, जैविक खेती, प्लास्टिक मुक्त इत्यादि अवधारणाओं से विकसित किया जाएगा।
इन्हें कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, गणित लैब, समृद्ध पुस्तकालय इत्यादि से सुसज्जित किया जाएगा। विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बच्चों के कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा ताकि उनको क्षमता संवर्धन के साथ-साथ रोजगारपरक संभावनाओं के लिए तैयार किया जा सकेगा।
-मानकों पर खरा उतरने के बाद जिले के 24 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में चयनित किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाले करीब दो करोड़ रुपये से इन्हें उच्चीकृत करके तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यह विद्यालय अपने क्षेत्र के आदर्श विद्यालय होंगे।
-संतोष कुमार राय, बीएसए