पटरंगा। रुदौली तहसील के मवई ब्लॉक की ग्रामसभा अशरफपुर गंगरेला में बीडीओ ने पीएम आवास की जांच की। 18 आवासों की जांच में उन्होंने 16 लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर निर्माणाधीन आवासों को रोकने का निर्देश जारी किया। उन्होंने बताया है कि अगर लाभार्थी से रिकवरी नहीं हो पाएगी तो ग्राम सचिव से की जाएगी। वहीं, बीडीओ के सख्त रवैये से नाराज ग्रामीणों ने मामले की शिकायत रुदौली विधायक से की है। लाभार्थियों ने बताया कि वे सभी पात्र हैं। अधिकारियों ने कई बार जांच की थी, जिसके बाद ही खाते में आवास निर्माण के लिए रुपये आए हैं।
मवई ब्लॉक की ग्रामसभा अशरफपुर गंगरेला में बीडीओ मोनिका पाठक ने गुरुवार को अपनी टीम के साथ जाकर निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवासों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस गांव में 22 पीएम आवास पात्र लाभार्थियों को मिले हैं, जिसमें से लगभग आधे के खातों में रुपये आ गए हैं और वे अपने टूटे-फूटे मकान को गिराकर इस शीतलहर से बचने के लिए आवास बनवा रहे हैं।
मगर बीडीओ ने 18 आवासों की जांच की तो उसमें से 16 आवास के लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर दिया। इससे लाभार्थियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने बताया कि ग्राम सचिव रामनयन यादव ने पीडी के साथ कई बार जांच करने के बाद ही पात्र घोषित किया था। उसके बाद खाते में रुपये भी आ गए। फिर पुराने जर्जर आवास को गिरवाकर नया आवास बनवाना शुरू किया है।
बीडीओ के सख्त रवैये से नाराज ग्रामीणों ने रुदौली विधायक रामचंद्र यादव से शिकायत की। इस पर उन्होंने सभी को आश्वासन दिया कि किसी का आवास बनने से नहीं रुकेगा और न ही किसी से रिकवरी होगी। इस बाबत बीडीओ मोनिका पाठक का कहना है कि उन्होंने अशरफपुर गंगरेला व कसारी गांव में आवासों की जांच की तो कई लाभार्थी अपात्र मिले हैं। इन सभी का निर्माण कार्य रुकवाकर रिकवरी कराने का निर्देश दिया गया है। अगर लाभार्थी सक्षम नहीं हैं तो ग्राम सचिव से रिकवरी की जाएगी।