अयोध्या। पुलिस ने ऑनलाइन लॉटरी, पेटीएम, बंद खाता चालू करने सहित ओटीपी के बहाने करोड़ों रुपये की ठगी व धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, फर्जी नाम-पते पर आठ सिमकार्ड, दो एटीएम कार्ड, चार आधार कार्ड, एसबीआई की दो पासबुक व एक पासपोर्ट बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि कई राज्यों में सक्रिय इस गिरोह ने बड़ी संख्या में लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी की है।
सीओ सिटी पलाश बंसल के अनुसार सूचना मिली कि साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के कुछ बदमाश रेलवे स्टेशन के नजदीक मौजूद हैं। इस पर पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के नाम रहमान उर्फ सुल्तान उर्फ अजीजुल रहमान उर्फ गामा पुत्र मोहम्मद बसरुद्धीन अहमद निवासी पथरा थाना व पोस्ट माझांगढ़, जिला गोपालगंज, बिहार, अजय सिंह उर्फ गुड्डू सिंह पुत्र रामनाथ सिंह निवासी जगदीश बनकटा, पोस्ट बासोपट्टी, थाना बनकटा, देवरिया, दिलीप महतो उर्फ दीपू पुत्र श्रीराम नाथ माथुर निवासी रतन सराय, जाफर टोला थाना व पोस्ट बरौली, गोपालगंज, बिहार व रामायन निवासी वेलही गोईता टोला, पोस्ट कटेया, थाना कटेया, गोपालगंज बिहार हैं। इन लोगों के पास से सात मोबाइल फोन, आठ सिमकार्ड फर्जी नाम पते पर, दो एटीएम कार्ड, चार आधार कार्ड, एसबीआई की दो पासबुक व एक पासपोर्ट बरामद हुआ है।
ऐसी करते थे ऑनलाइन फ्रॉड
सीओ सिटी पलाश बंसल के अनुसार गिरोह के बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि ठगी करने के लिए सर्वप्रथम खाते की आवश्यकता होती है। इसके लिये प्रति व्यक्ति को खाते के लिए 10 से 15 हजार रुपये तक दिया जाता है, जिसमें 5000 रुपये खाताधारक को व शेष रुपये बतौर कमीशन एजेंट को दिया जाता है। खाताधारक को ये बताते हैं कि सऊदी अरब से रकम मंगानी है और टैक्स बचाने के लिए ये रकम आपके खाते में मंगाएंगे। खाता खुलवाने के बाद एटीएम, पासबुक, नेट बैंकिंग का यूजर नेम व पासवर्ड आदि अपने पास रख लेते थे।
इसके बाद ऑनलाइन लॉटरी, पेटीएम, केवाईसी आदि माध्यमों से ठगी का पैसा इन्हीं खातों में ट्रांसफर करते या कराते थे। जिन लोगों को बहलाकर खाता खुलवाया जाता था, उन्हीं के आधार कार्ड तथा अन्य पहचान पत्र लेकर फर्जी सिमकार्ड खरीद लेते थे। प्राप्त सभी खातों को बिहार के भिन्न-भिन्न जिलों में अपने साथियों जिसमें प्रमुख रूप से सलमान, जियाउल, जुनैल, शेख हसमुल्ला, जाफर उर्फ इमाम, सहादत हुसैन अंसारी, आजम, जुबैर रहमान आदि को दे दिया जाता था। यही लोग नार्मल कॉल या व्हाट्सएप कॉल करके आम जनता को केबीसी/लॉटरी, एटीएम, कार्ड ब्लॉक होने की गलत सूचना आदि के नाम पर गुमराह कर ठगी करते हैं।
दिलीप महतो की बिहार के गोपालगंज में मोबाइल की दुकान है। वह ग्राहकों के सिमकार्ड एक्टीवेशन के दौरान ही बिना उनकी जानकारी के पेटीएम, गूगल-पे, फोन-पे एकाउंट बनाकर साइबर ठगी के लिये बेच देता था। इसके साथ ही उक्त ग्राहकों की आईडी से कूटरचना कर प्रपत्र तैयार कर मोबाइल कनेक्शन लेकर फर्जी खातों में ओटीपी, पासवर्ड हेतु सिम उपलब्ध कराता है।
उक्त गिरोह में हर सदस्य का अलग-अलग काम बंटा है। गिरोह के सरगना रहमान उर्फ सुल्तान उर्फ गामा द्वारा साइबर ठगी कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की गयी है, जिसे चिह्नित किया जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से फुलवारी शरीफ पटना में आलीशान मकान है। पुलिस टीम प्रशासन के सहयोग से इस पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।