जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने अफसरों और केंद्र व्यवस्थापकों से नकलविहीन आदर्श परीक्षा कराए जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से कहा कि किसी भी परेशानी पर वह कैंप कार्यालय पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रशासनिक मशीनरी हर समय उनकी मदद के लिए तैयार है।
डीएम ने एसएसबी इंटर कालेज के प्रांगण में आयोजित बैठक में कहा कि परीक्षा के परिणाम से ही छात्र-छात्राएं एवं उनके स्कूल अपना वास्तविक मूल्यांकन कर पाते है। हम सभी को परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए उच्च मापदंड अपनाने की आवश्यकता है।
कहा कि शासन और बोर्ड की ओर से परीक्षा के जो मापदंड बनाए गए हैं। उनका पालन सभी को मिलकर कराना है। परीक्षा केंद्र के अंदर जो भी अध्यापक और कर्मचारी लगाए गए हों। उनको केंद्र व्यवस्थापक के साथ टीम भावना से कार्य करना होगा। जिला प्रशासन सहयोग एवं सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं।
किसी भी केंद्र व्यवस्थापक को किसी प्रकार की परेशानी हो रही हैं तो वे तत्काल डीएम के कैंप कार्यालय के नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज कराएं। उस पर तत्काल कार्यवाही होगी। परीक्षा की पवित्रता और अच्छे माहौल में संपन्न कराने की पूर्ण जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक की होगी।
परिसर के आसपास एक अस्थाई वाहन स्टैंड तथा परिसर के अंदर क्लार्क रूम एवं स्टाप तैनात किए जाएंगे। जिससे परीक्षार्थी अपना सामान आदि क्लार्क रूम में रख सके। परीक्षा कक्ष के अंदर किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रानिक डिवाइस, मोबाइल, लैपटॉप आदि ले जाना सख्त मना हैं।
परीक्षा केंद्र के 200 मीटर की परिधि में लोग एकत्र नहीं होंगे। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को दी जाने वाली मोबाइल सिम से केंद्र व्यवस्थापक को प्रतिदिन प्रतिपाली अनुपस्थित परीक्षार्थियों की रिपोर्ट आनलाइन भेजनी होगी।
बैठक में जीआईसी के उप प्रधानाचार्य डॉ. रमेश, एसडीएम रूदौली अशोक कुमार सिंह, एसडीएम सदर एवं मिल्कीपुर सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक उपस्थित रहे।