अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे को लेकर एक सप्ताह के भीतर आनन-फानन तैयार किया गया राम की पैड़ी का प्लेटफार्म पंप हाउस से पानी छोड़े जाते ही बह गया।
इस प्लेटफार्म को इसलिए बनाया गया था कि ताकि राम की पैड़ी का जलप्रवाह अविरल रह सके, लेकिन प्लेटफार्म निर्माण में हुई गड़बड़ी तब सामने आई जब पंप हाउस से पानी छोड़ा गया।
इस मामले में रामनगरी के संतों ने सीएम से जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अयोध्या के दौरे पर थे।
उनके दौरे को लेकर कार्यदाई संस्था सरयू नहर खंड ने जलप्रवाह निरंतर बनाए रखने के लिए राम की पैड़ी में एक सीमेंटेड प्लेटफार्म बनाया गया था। इसे मात्र एक सप्ताह के भीतर तैयार किया गया था।
मुख्यमंत्री रविवार को जब अयोध्या पहुंचे तो राम की पैड़ी में पानी के अविरल प्रवाह के लिए पंप हाउस से पैड़ी में पानी छोड़ा गया। लेकिन यहां बनाया गया प्लेटफार्म पानी का दबाव नहीं झेल सका।
हालांकि इसके ध्वस्त होकर बहने का दृश्य लोग नहीं देख पाए। सोमवार को पंप बंद होने पर सुबह संतों ने प्लेटफार्म पूरी तरह ध्वस्त होकर बह जाने का दृश्य देखा तो आक्रोशित हो उठे।
अब मौके पर केवल लोहे की सरिया ही बची है। यह हाल तब है जब मुख्यमंत्री ने रविवार को ही राम की पैड़ी को हरकी पैड़ी की तर्ज पर अविरल बनाने की बात कही थी।
उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी तरह की अनियमितता पर सख्त चेतावनी दी थी, लेकिन उनके जाते ही पैड़ी के सुंदरीकरण के कार्य में बड़ी लापरवाही सामने आई।
इस बीच सरयू नहर खंड के अधिकारियों का कहना है कि इस काम के लिए अतिरिक्त बजट दिया गया था। हालांकि उन्होंने इस पर खर्च धनराशि का ब्योरा नहीं दिया।
इस मामले को लेकर रामनगरी के संतों ने भी नाराजगी व्यक्त की है। हनुमान गढ़ी के पुजारी राजूदास ने कहा कि राम की पैड़ी ठेकेदारों के लिए कुबेर का खजाना हो गई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले की जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कहा कि सरकार अयोध्या के विकास के लिए अकूत धन दे रही है, लेकिन उसका दुरुपयोग कर सरकार को बदनाम किया जा रहा है।
दो दीवार पानी के जलप्रवाह की गति व उछाल देखने के लिए बनाई गई थी। यह एक प्रकार की टेस्टिंग थी। दोनों दीवारों के बीच में मिट्टी व बालू भरवाई गई थी। इसके ऊपर एक लेयर सीसी कर स्लोप बनाया गया था। यही लेयर पानी में बह गई है। उसको सीमेंट, कंकरीट व सरिया से आरसीसी में मजबूती से अभी ढाला जाना बाकी है। यह प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं है। स्लोप बनाने का मकसद पानी के फ्लो को बरकरार रखना था, इसको अतिरिक्त कार्य के रूप में किया जा रहा था। - जय सिंह, अधिशासी अभियंता, सरयू नहर खंड, अयोध्या