योगी सरकार में अखिलेश का गुणगान...यह अजीब जरूर लग रहा होगा मगर जिले के तीन ब्लॉकों पूरा, तारुन, मया के परिषदीय स्कूलों में दो दिनों से ‘माननीय मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की प्रेरणा’, ‘उम्मीदों का प्रदेश उत्तम प्रदेश’ का गुणगान नन्हेे-मुन्ने खूब कर रहे हैं।
दरअसल, एमडीएम का जो सामान पिछले धनतेरस पर बंटना था, उसे आनन-फानन में अब सीधे लखनऊ की एजेंसी बांट रही है। साथ ही कैलेंडर भी दिए जा रहे हैं, हारे स्थानीय विधायक का फोटो भी है। थाली-गिलास कहां से आया, कहां पर डंप था, किसके आदेश पर बंट रहा है? इस पर बीएसए से लेकर निचले स्तर तक के जिम्मेदार खुद को अंजान बता रहे हैं।
अफरातफरी और आनन-फानन में पूर्व की सपा सरकार ने धनतेरस के दिन परिषदीय स्कूलों में थाली-गिलास दिए जाने की घोषणा की थी। जिले के कुछ ब्लाकों में थाली-गिलास पहुंच गए लेकिन कई ब्लॉकों में बंट नहीं पाए।
अंदरखाने से मिली जानकारी के अनुसार ‘सरकारी शिष्टाचार’ के कारण परिषदीय स्कूलों के रसोईघर तक थाली-गिलास समय से नहीं पहुंच पाया। ऐमीघाट प्रतिनिधि के अनुसार दो दिन से पूरा बाजार ब्लॉक के न्याय पंचायत रसूलाबाद के कई विद्यालयों में थाली गिलास बांटे गए।
वहीं मया बाजार प्रतिनिधि के अनुसार परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा सत्र समाप्ति होने के चंद दिन पहले बच्चों के भोजन को थाली-गिलास वितरित किए गए। प्राथमिक विद्यालय कनकपुर में पंजीकृत छात्र छात्राओं के सापेक्ष पचास प्रतिशत बच्चों को ही थाली मिल सकी है। थाली के पीछे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के उम्मीदों का प्रदेश उत्तर प्रदेश 2016 लिखा है। कमोबेश ऐसी ही तस्वीर मया बाजार ब्लॉक के तकरीबन सभी प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूलों की है।
तारुन ब्लॉक के एबीआरसी शिव प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि ब्लॉक के 147 प्राथमिक व 49 जूनियर स्कूलों में थाली और गिलास गुरुवार को दिया जा चुका है। यह सब ऊपर से आदेश था जिसका शत-प्रतिशत पालन किया गया एनपीआरसी बेनीगद्दोपुर महंद्र कुमार ने कहा कि हमारी न्याय पंचायत के 14 स्कूलों में थाली और गिलास गुरुवार को दे दिया गया।
केरा लाल खां के एनपीआरसी सुरेश चंद्र तिवारी ने बताया कि ऊपर से बड़ा सख्त निर्देश था जिसके कारण हमने अपने क्षेत्र के 11 स्कूलों तक थाली-गिलास पहुंचा दिए हैं। तारुन के खंड शिक्षाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि थाली-गिलास के बारे में हम लोगों को कोई भी आइडिया नहीं है, सब कु छ जिले से ही आया है और वहीं से ही कार्यक्रम चल रहा है।
यह सब शासन स्तर से हुआ है। जो एजेंसी वहां से नामित की गई है, वही स्कूलों में दे रही है। इस बाबत हम और आगे कुछ नहीं बता सकते हैं। - योगेंद्र कुमार, बीएसए
चुनाव के पहले ही बीआरसी कार्यालय पर आ गया था। बताया गया कि जिले से भेजा गया है। चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण स्कूल में पहुंच नहीं पाया था जिसे अब पहुंचाया जा रहा है। - राम कुमार प्रजापति, न्याय पंचायत समन्वयक, रसूलाबाद, पूरा