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पौधरोपण और तिरंगा फहराकर रखी धन्नीपुर में मस्जिद की नींव

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अयोध्या-मस्जिद की भूमि पर ध्वजारोहण करते इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के अध्यक्ष जुफर फारूकी व - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। सोहावल तहसील का धन्नीपुर गांव 72वें गणतंत्र दिवस पर एक एतिहासिक इबारत लिखी गई। बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुन्नी वक्फ बोर्ड को मिली पांच एकड़ भूमि पर इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने पौधरोपण कर और तिरंगा फहराकर मस्जिद समेत अस्पताल व म्यूजियम के निर्माण की प्रतीकात्मक नींव रखी। इस दौरान ट्रस्ट के नौ सदस्यों में से छह सदस्य उपस्थित रहे।
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इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के पदाधिकारी मंगलवार को सुबह कई अन्य इस्लामिक विशेषज्ञों के साथ धन्नीपुर गांव में एलॉट की गई पांच एकड़ भूमि पर पहुंचे। चेयरमैन जुफर फारूकी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सलामी दी। राष्ट्रगान के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में अध्यक्ष ने इमली का पौधा रोपा और मस्जिद, अस्पताल के लिए नींव रखने की घोषणा की।
उनके साथ पौधरोपण करने वालों में उपाध्यक्ष ताहिर हुसैन, महासचिव व प्रवक्ता अतहर हुसैन, सदस्य अदनान फारूक शाह, डॉ. सईदुल जमा इमरान अहमद मो. राशिद शामिल रहे। इस मौके पर मुंबई से आए शोएब अहमद, फाउंडेशन के मीडिया कम्युनिकेशन सैफुद्दीन अहमद, टीले वाली मस्जिद के मुतवल्ली मौलाना उबैदुर्रह्मान, वासिफ हसन जुनैद सिद्दीकी, सैयद सुहैल, रौनाही प्रधान प्रतिनिधि मेराज अहमद, लाल मोहम्मद सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी ने कहा कि मस्जिद का निर्माण साझी विरासत को उजागर करेगा। गणतंत्र दिवस इस मुल्क का आइना है, आज के दिन तामीरी काम शुरू करना एतिहासिक होगा। पौधा लगाना भी इस्लाम में तामीरी काम माना जाता है, इसे ही हम नींव रखना मानते हैं। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव व प्रवक्ता अतहर हुसैन ने कहा कि शासन से मिली इस भूमि पर 200 बेड का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मस्जिद व इंडो इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेंटर का निर्माण होना है।
हॉस्पिटल 50 हजार वर्गफुट में बनेगा। मस्जिद के लिए 24 हजार वर्गफुट भूमि आरक्षित की गई है। मस्जिद में दो हजार लोग एक साथ नमाज पढ़ सकेंगे। ग्रीन हाउस, म्यूजियम, कम्युनिकेशन सेंटर व लाइब्रेरी भी रिसर्च सेंटर का ही हिस्सा होंगे। यह सभी निर्माण भूमि की मिट्टी के परीक्षण रिपोर्ट एक पखवाड़े में आ जाने के बाद शुरू हो जाएंगे। उन्होंने बताया है कि नक्शा पास होने के 30 माह में मस्जिद निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
अयोध्या में पांच एकड़ पर बनने वाली वाली तीन इमारतों की डिजाइन इंडो-इस्लामिक स्थापत्य कला पर आधारित है। परिसर के 24 हजार स्क्वॉयर फीट में बनने वाली मस्जिद का डिजाइन कंटेंपरेरी है। यह पुराने ट्रेडिशनल मस्जिदों की डिजाइन से बिल्कुल अलग है। मस्जिद को एकदम नया लुक दिया गया है। इसके अलावा अस्पताल व पुस्तकालय को स्वास्थ्य व शिक्षा के अनुसार डिजाइन किया गया है।

अयोध्या-मस्जिद की भूमि पर पौधरोपण करते इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के अध्यक्ष जुफर फारूकी व अ?- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-मस्जिद की भूमि पर ध्वजारोहण के बाद नमन करते इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के अध्यक्ष जु?- फोटो : FAIZABAD

अयोध्या-मस्जिद की भूमि पर ध्वजारोहण के बाद मौजूद इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के अध्यक्ष जुफर ?- फोटो : FAIZABAD

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