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रामनगरी के चरणबद्ध विकास के लिए जल्द तैयार होगा प्लान

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अयोध्या। रामनगरी की विकास योजनाओं के लिए अब चरणबद्ध तरीके से नया प्लान बनेगा। इसमें जो योजनाएं अल्प समय की व आमलोगों से जुड़ी होंगी, उनको पहले मूर्त रूप दिया जाएगा। इसके अलावा एक वर्ष या उससे अधिक समय तक चलने वाली विकास योजनाओं को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा।
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साथ ही अंतिम चरण में बड़ी विकास योजनाओं को शामिल किया जाएगा। इस सबके लिए शासन स्तर पर नया प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें अयोध्या की विकास योजनाओं को चरणों में विभक्त कर विजन डाक्यूमेेंट के अनुरूप अयोध्या नगरी को बसाया जाएगा।
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या के विकास के विजन डाक्यूमेंट की समीक्षा की है। प्रधानमंत्री ने आवास विभाग की ओर से बनाए छह मिनट की मूवी को देखा व विजन डाक्यूमेंट को सराहा है। प्रधानमंत्री ने विकास योजनाओं को लेकर जरूरी निर्देश भी दिए हैं। प्रधानमंत्री ने सभी योजनाओं के बारे में बारी-बारी से जानकारी ली है।
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साथ विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए चरणबद्ध तरीके से विकास करने के निर्देश दिए हैं। इसमें समस्त प्रस्तावित विकास योजनाओं को आवश्यकता व अपेक्षा के अनुरूप विभिन्न चरणों में रखे जाने की बात कही है। साथ ही अयोध्या को संस्कार नगरी के रूप में भी देखे जाने का निर्देश दिया है।
प्रधानमंत्री की बैठक के बाद शासन स्तर पर प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देशों को अमल में लाने की कवायद शुरू हो गई है। इसमें अब अयोध्या की विकास योजनाओं को चरणों में विभाजित कर विकास का ग्राफ तैयार किया जाएगा। साथ ही अयोध्या के मूल संस्कार को युवाओं से जोड़ने के लिए भी प्लान तैयार किया जाएगा।
इसमें युवा वर्ग को मर्यादा व रामराज्य के सही मायने बताए जाएंगे। इसमें भगवान राम का भाई, पिता, पुत्र, पत्नी के साथ कैसा व्यवहार था, भगवान राम प्रजा के साथ किस प्रकार का व्यवहार करते थे, किस प्रकार धर्म के रक्षक थे, किस प्रकार मृदुभाषी थे, किस प्रकार लोगों को जोड़कर चलने की क्षमता थी सहित भगवान राम के समस्त जीवन चक्र को रेखांकित करती हुई विकास योजनाओं को तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह होगा कि भगवान राम की नगरी के प्रति लोगों का आध्यात्मिक आकर्षण हो।
प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद आवास विभाग प्रधानमंत्री के निर्देशों को अमल में लाने की कवायद में जुट गया है। प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद आवास विभाग दोनों विशेष बिंदुओं पर के क्रियान्वयन के लिए जुट गया है। दोनों विशेष बिंदुओं पर जल्द ही नया प्लान आवास विभाग की ओर से तैयार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के सामने पेश होने वाले विजन डाक्यूमेंट में अयोध्या के विकास के लक्ष्य तीन बिंदुओं पर आधारित हैं। इसमें कुल 21 योजनाओं को शामिल किया गया है। लक्ष्य एक में वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में अयोध्या को विकसित किया जाना है।
इसमें रामजन्म भूमि मंदिर को जाने वाले मार्गों का चौड़ीकरण, तीनों परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण व सुंदरीकरण, ज्ञान केंद्र के रूप में विकास, उत्सवधर्मी नगरी बनाने का कार्य, स्ट्रीट लेवल सुविधाएं, तीर्थ अनुकूल अवधारणा को शामिल किया गया है।
लक्ष्य दो में अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन सिटी के रूप में विकसित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें पर्यटन सर्किट, एक दिवसीय पर्यटन यात्राएं, रामायण क्रूज चलाने, कुंडों का विकास, सरयू घाट की स्थिति बदलने की बात कही गई है। लक्ष्य तीन में सस्टेनेबल एवं स्मार्ट सिटी के रूप में अयोध्या को विकसित किया जाना है।
नागरिक सुविधाओं का विकास, नई रोजगार गतिविधियां संचालित किए जाने, गीन व सोलर सिटी, तीनों लक्ष्यों को पाने के लिए कुल 21 प्रमुख योजनाओं को शामिल किए जाने की बात कही गई है।
अयोध्या के विजन डाक्यूमेंट के अनुसार विकास योजनाओं को मूर्त रूप देने की तैयारी चल रही है। अयोध्या विकास प्राधिकरण की कंसलटेंट टीम इसी हफ्ते चार प्रमुख योजनाओं का डीपीआर प्रस्तुत कर देगी। इसमें रामजन्मभूमि को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों सहित पर्यटन सुविधा का डीपीआर शामिल है।
इसमें बाद में अन्य कई प्रमुख डीपीआर जुलाई के दूसरे पखवारे तक बन जाने की संभावना है। विजन डाक्यूमेंट के अनुसार अयोध्या के आध्यात्मिक मेगा सिटी के रूप में विकसित करने के लिए 21 विकास योजनाओं का डीपीआर कंसलटेंट टीम की ओर बनाया जाना है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के वीसी विशाल सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देशों के क्रम में विकास योजनाओं को चरणबद्ध किया जाना है। इसमें अल्प समय व सर्वाधिक उपयोगी योजनाओं का क्रियान्वयन पहले व बड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन बाद में किया जाएगा।
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इसके साथ ही अयोध्या युवाओं से जोड़ने के लिए भगवान राम की मर्यादा के अनुरूप संस्कार नगरी के रूप में विकसित करने के लिए प्लान तैयार किया जाएगा।
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