चैत्र रामनवमी को लेकर श्रीराम जन्मोत्सव का दृश्य अयोध्या में सजीव हो उठा है। रामनवमी की पूर्व संध्या से ही नगरी श्रीराम के जन्म को लेकर उत्सव के रंग में डूब गई है। पर्व पर आराध्य के दर्शन-पूजन के लिए देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई है।
आतंकी खतरे के मद्देनजर मेले में सुरक्षा सख्त करने के साथ सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस व प्रशासन के अफसर मेला क्षेत्र में कैंप कर सुरक्षा व व्यवस्थाओं की मानीटरिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। भीड़ के मद्देनजर मेला क्षेत्र में चार पहिया वाहनों के साथ दो पहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
28 मार्च से शुरू हुआ चैत्र रामनवमी मेला चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि को पूरे शबाब पर पहुंच गया है। मेले का मुख्य पर्व रामनवमी (श्रीराम जन्मोत्सव) पर्व को मनाने के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं का रेला नगरी के मठ-मंदिरों में उमड़ने लगा।
सरयू के स्नान घाटों के साथ ही नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि समेत प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालु कतारबद्ध रहे। मंदिरों में आयोजित हो रहे धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखलाएं पूरे रौ में रहीं।
शाम होते-होते समूचा मेला क्षेत्र कथा-प्रवचन व श्रीराम की स्तुतियों से गुंजायमान होने लगा है। मठ-मंदिरों में बधाई व शास्त्रीय संगीत की अविरल धारा बह रही है। प्रसिद्ध कनक भवन मंदिर में बधाई व शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम व सरयू तट स्थित प्रसिद्ध श्रीकालेराम मंदिर में सांवत्सरिक महोत्सव के तहत आयोजित शास्त्रीय व धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।