मुख्य परीक्षा के दौरान निरीक्षण करने गए अवध विश्वविद्यालय के कुलपति व उड़ाका दल के सदस्यों के साथ साकेत पीजी कॉलेज प्रशासन की भिड़ंत हो गई। दोनों तरफ से कई गंभीर लगाते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही गई है।
विवि प्रशासन ने कुलपति समेत उड़ाका दल के सदस्यों को बंधक बनाने, हमले का प्रयास और अभद्रता को गंभीरता से लेते हुए साकेत परीक्षा केंद्र को रद्द करते हुए गुरुवार से दूसरे केंद्र पर परीक्षा कराने का आदेश जारी किया है। उधर, साकेत के प्राचार्य ने एसएसपी से मिलकर मामले में कुलपति के खिलाफ भी गंभीर आरोपों की शिकायत दर्ज कराने को तहरीर सौंपी है।
साकेत महाविद्यालय में बुधवार को हुए घटनाक्रम को लेकर विवि परीक्षा समिति व साकेत कॉलेज प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल सुबह की पाली में परीक्षा केंद्र पर उड़ाका दल के साथ निरीक्षण के लिए पहुंचे।
आरोप है कि परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद पाया गया, गेट पर कोई भी सुरक्षा प्रहरी नहीं था। कुलपति द्वारा स्ट्रांग रूम के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रश्न पत्रों को केंद्राध्यक्ष की कस्टडी में न रखकर महाविद्यालय के पुस्तकालय की अलमारियों में रखा गया था।
निरीक्षण के दौरान प्रश्न पत्र रखे जाने के स्थान पर लगभग आधा दर्जन लोग उपस्थित थे। कुलपति द्वारा पूर्व तिथियों में संपन्न परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों के खोले गए लिफाफों को जांच के लिए मांगे जाने पर पाया गया कि परीक्षा नियमों के विपरीत किसी भी लिफाफे पर केंद्राध्यक्ष का हस्ताक्षर व लिफाफों को खोले जाने का समय भी अंकित नहीं था।
कुलपति द्वारा परीक्षा ड्यूटी रजिस्टर तलब किए जाने पर पाया गया कि ड्यूटी रजिस्टर में केंद्राध्यक्ष की 15 अप्रैल से आगे की तिथियों में हस्ताक्षर मौजूद नहीं थे। उड़ाका दल के सदस्यों ने बताया कि इस संदर्भ में कुलपति द्वारा केंद्राध्यक्ष से सवाल जवाब किए जाने पर केंद्राध्यक्ष भड़क गए।
परीक्षा कराने से इंकार करते हुए महाविद्यालय का मुख्य द्वार बंद करवा दिया। अन्य शिक्षकों को बुलाकर कुलपति एवं उड़ाका दल को जानबूझकर परिसर में रोकने, अभद्रता करने तथा हमला करने का प्रयास किया गया। लगभग 15 मिनट तक यह स्थिति बनी रही।
मामले को लेकर बुधवार अपराह्न में कुलपति की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की बैठक में हालात पर चर्चा हुई। कुलपति ने प्रो. जायसवाल ने बताया कि विशेष उड़ाका दल के साथ साकेत महाविद्यालय में परीक्षा के निरीक्षण के दौरान हुई अभद्रता व बंधक बनाने के मामले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाते हुए कड़ी कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है।
साथ ही परीक्षा समिति ने यह निर्णय लिया कि परीक्षा संबंधी नियमों के उल्लंघन एवं कुलपति की उपस्थित में जानबूझकर उत्पन्न की गई उपरोक्त स्थितियों के दृृष्टिगत उक्त परीक्षा केंद्र पर आगे की परीक्षाएं कराया जाना उचित नहीं है।