बीते 24 घंटे में शुक्रवार को बिजली आपूर्ति के हालात बेहद खराब रही। दर्जनबार ट्रिपिंग के बीच रात में तीन व दिन में मात्र दो घंटे आपूर्ति रही। स्थानीय स्तर पर फाल्ट से कुछ क्षेत्रों में हालत और भी बदहाल रही। भीषण उमस भरी गर्मी से लोगों की नींदें जहां खराब हो रही हैं। वहीं पानी की किल्लत भी शुरू हो गई है। कटौती का दंश झेल रहे लोगों की आस मौसम में बदलाव को लेकर अब भगवान पर बढ़ गई है।
गर्मी शुरू होते ही बदहाल रही बिजली आपूर्ति कुछ दिनों से ढर्रे पर तो रही लेकिन मौसम में आए बदलाव के बाद आपूर्ति बुरी तरह लड़खड़ा गई है। मंडल मुख्यालय पर 20 घंटे आपूर्ति का रोस्टर है लेकिन इन दिनों सुबह नौ बजे से 11 बजे तक, अपराह्न तीन बजे से पांच बजे और रात में नौ से 11 बजे तक कटौती का रोस्टर बताया जाता है।
भीषण उमस भरी गर्मी में पखवारे भर से अयोध्या-फैजाबाद शहर में हो रही कई-कई घंटों की आपात कटौती से लोग खासे परेशान हैं। सप्ताह भर से गर्मी का पारा 42 से 45 डिग्री के आसपास आने के साथ बिजली आपूर्ति लोगों को रुलाने लगी है। रात में एक घंटे होने वाली आपात कटौती बढ़ कर दो से ढाई घंटे तक होनी शुरू हो गई है। स्थानीय स्तर पर ओवरलोडिंग व अन्य फाल्ट से गुरुवार रात में 4 घंटे बिजली गुल रही। दिन में भी दो घंटे बिजली आई।
लोग भीषण गर्मी में हाय-हाय करते रहे। शुक्रवार को जुड़वा शहर में बिजली आपूर्ति की स्थिति अत्यंत खराब रही। सुबह छह बजे बिजली गुल हुई तो नौ बजे आई। लेकिन कुछ समय बाद बिजली फिर गुल हो गई तो 11 बजे लौटी। बिजली की आवाजाही का सिलसिला देर शाम तक बना रहा। हालात यह रहे कि भीषण गर्मी में सूर्य की तपिश से आग उगल रही आबोहवा में नागरिकों को दो घंटे लगातार आपूर्ति भी मयस्सर हो सकी।
भीषण गर्मी से लोग छटपटाते रहे। सुबह, शाम और रात में होने वाली कटौतियों से इस भीषण उमस भरी गर्मी में पेयजल आपूर्ति के बाधित होने से पेयजल संकट भी गहराने लगा है। बिजली आपूर्ति की बदहाल होती व्यवस्था से परेशान आम लोगों के साथ ही पावर कॉर्पोरेशन भी शीघ्र मानसूनी बारिश शुरू होने की आस लगाए बैठा है। विभाग की मानें तो बारिश होने के साथ ही लोड कम होने पर आपूर्ति में सुधार हो जाएंगे।
तीन दिन पूर्व अयोध्या के रेलवे स्टेशन रोड, जलवानपुरा, हनुमंत नगर कालोनी क्षेत्र में रात भर बिजली गुल रही जो दूसरे दिन दुपहर वापस लौटी। स्थिति यह रही कि भीषण उमस भरी गर्मी से परेशान लोग बिजली आने के इंतजार में सड़कों पर घूमते रहे। आपात कटौतियों के साथ स्थानीय स्तर पर होने वाली खराबियों से बाधित आपूर्ति कोढ़ में खाज के समान हो गई है।
शहर क्षेत्र के ज्यादातर मोहल्लों में दिन हो या रात बिजली की आवाजाही का सिलसिला बना रहता है। बिजली विभाग स्तर शिकायत के बावजूद स्थानीय फाल्ट को दुरुस्त नहीं किया जाना नागरिकों में आक्रोश को बढ़ा रहा है।