अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्याध्यक्ष व मणिराम दास छावनी के महंत नृत्यगोपालदास ने कहा कि भव्य मंदिर निर्माण ही विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक रहे स्व. अशोक सिंहल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कहा कि जिनकी कीर्ति अमर होती है वह कभी मरते नहीं हैं, सदैव अपने कृतित्व व व्यक्तित्व से समाज को बल प्रदान करते ही रहते हैं। वे गुरुवार को कारसेवकपुरम् में आयोजित श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
सभा का प्रारंभ वेद विद्यालय के आचार्य दुर्गा प्रसाद के मार्गदर्शन में शांतिपाठ से हुआ। तत्पश्चात उपस्थित गणमान्य बन्धुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर स्मरण किया।
न्यास अध्यक्ष ने कहा भगवान श्रीराम के जीवन को आत्मसात् करते हुए राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए सिंहल जी का योगदान स्मरणीय रहेगा।
केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य महंत सिया किशोरी शरण ने कहा कि 16 वर्ष की आयु में परिवार को त्याग कर राष्ट्र व समाज को संगठित करने के लिए जिस प्रकार उन्होंने रामजन्मभूमि आंदोलन का नेतृत्व किया।
और विभिन्न संप्रदायों में बटे हुए समाज और संतों को एकत्रित किया वह कोई देवीय आत्मा ही कर सकती है।
विहिप के पूर्व केन्द्रीय मंत्री पुरुषोत्तम नारायण सिंह, सनकादिक आश्रम के महंत कन्हैया दास, सांसद लल्लू सिंह, विहिप के केंद्रीय संयुक्त मंत्री शिवदास सिंह, महामंडलेश्वर प्रेमशंकर दास, मानस अगस्त राम अवतार दास ने विचार व्यक्त किया। संचालन शरद शर्मा ने किया।