चिलचिलाती धूप, उमस और भीषण गर्मी में कोच में पानी न मिलने, पंखे न चलने से बुधवार को रेल यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। लखनऊ में सुनवाई न होने पर फैजाबाद में ट्रेन रुकी तो कोच के यात्री हंगामे पर उतर आये। ट्रेनें चलीं तो वैक्यूम खोल दिया गया।
इसके बाद भी करीब आधा घंटा तक स्टेशन पर रुकी रही साबरमती एक्सप्रेस में पानी नहीं भरा जा सका। दूसरी ओर दून एक्सप्रेस के एक कोच के खराब पंखों को लेकर यात्री हंगामा करने लगे। किसी तरह बिजली बहाल कर बीस मिनट बाद पंखे ठीक हुए और ट्रेन आगे बढ़ सकी।
डाउन साबरमती एक्सप्रेस सुबह सवा चार बजे के करीब फैजाबाद पहुंची थी। इसके कई कोचों में पानी नहीं था। लखनऊ में यात्रियों ने पानी भरवाने को कहा, लेकिन ट्रेन रवाना कर दी गयी। सूत्रों के अनुसार, सुबह फैजाबाद में भी यात्रियों के साथ वही बर्ताव हुआ।
जबकि नित्यक्रिया को लेकर यात्री परेशान थे। सी एंड डब्ल्यू का कर्मी एनाउंसमेंट होने के बाद भी कोचों में पानी भरने नहीं गया। इसे लेकर आधे घंटे तक यात्रियों ने ट्रेन रोके रखी। जब भी ट्रेन आगे बढ़ाने की कोशिश होती, यात्री वैक्यूम खोल दे रहे थे।
किसी तरह स्टेशन मास्टर कार्यालय से सुबह में कोई कर्मी न होने का हवाला देकर यात्रियों को समझाकर ट्रेन आगे रवाना की गयी। उधर दिन में 12:30 बजे डाउन दून प्लेटफार्म एक पर रुकी। इसके एस-4 कोच के सभी पंखे बंद थे।
यात्री गर्मी में पसीने से तरबतर थे। देहरादून से हावड़ा जा रहे दूत कुमार, सुलेखा, आकांक्षा का कहना था कि सुबह पांच बजे से पंखा-बिजली बंद है। हरदोई और लखनऊ में शिकायत की। फैजाबाद में लिखित शिकायत की है।
पंखा-बिजली सही किये बिना 12:40 बजे ट्रेन रवाना कर दी गयी तो यात्रियों ने वैक्यूम खोल दिया। विरोध के दौरान पंखा बिजली सही करने का एनाउंसमेंट हुआ। 12:48 बजे कोच की बिजली सही हुई तो पंखे चले। इसके बाद 12:50 बजे ट्रेन वाराणसी रवाना हुई।