केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना स्वच्छ भारत मिशन को ग्राम पंचायत/विकास अधिकारी (सचिव) ही पलीता लगा रहे हैं। जिले के लगभग पौने दो सौ गांवों में बेसलाइन सर्वे की जांच शुरू नहीं हो पाई।
अब तक इसके लिए जिम्मेदार 27 ग्राम सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अभी सर्वे की जांच के बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन का आधार बने वित्तीय साल 2012-13 में कराए गए बेसलाइन सर्वे में खामियों को दूर करने के लिए सरकार ने 30 मई तक का समय दिया है।
खामियों को दुरुस्त करके और नए परिवारों को जोड़कर जांच रिपोर्ट पंचायत राज विभाग को देना है। प्रशिक्षण के बाद जिले में 22 मई से यह कार्रवाई शुरू की गई। मंगलवार को विभाग के अफसरों ने बेस लाइन सर्वे की जांच की बाबत पड़ताल की तो पहले ही दिन अभियान को पलीता लगाने का परिदृश्य सामने आ गया।
मंगलवार की पड़ताल में लगभग जिले के पौने दो सौ गांवों में सर्वे की जांच शुरू न किए जाने का मामला सामने आया। जिला पंचायत राज अधिकारी ने शाश्वत आनंद सिंह बताया कि इसके लिए जिम्मेदार 27 ग्राम सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करनी शुरू कर दी है।