पराग दूध के दो नमूने प्रयोगशाला की जांच में फेल हो गए हैं। पैकेट पर कंपनी की तरफ से किए गए दावे की तुलना में दूध अधोमानक पाया गया है। दूध के दोनों नमूने शहर के जालपा नाला स्थित पराग डेयरी के मदर प्लांट से लिए गए थे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कंपनी को नोटिस जारी कर एक माह में जवाब मांगा है।
15 मार्च 2016 को जालपा नाला स्थित पराग के प्रोसेसिंग प्लांट से खाद्य सुरक्षा अधिकारी रत्नाकर पांडेय ने पॉश्चुराइज टोंड मिल्क और विवेक कुमार त्रिवेदी ने पॉश्चुराइज स्टैंडर्ड मिल्क का एक-एक नमूना भरा था। प्रदेश प्रयोगशाला से सितंबर में मिली की जांच रिपोर्ट में नमूने अधोमानक पाए गए।
रिपोर्ट आने के बाद मेसर्स पराग दुग्घ उत्पादन सहकारी संघ लि. जालपा नाला रानोपाली और मेसर्स पराग दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ के प्रयोगशाला सहायक राजेंद्र कुमार चौधरी को नोटिस भेज एक माह में जवाब न मिलने पर फर्म के खिलाफ केस दायर करने की चेतावनी दी गई है।
इसके अलावा मसौधा बाजार के एक कचरी का नमूना सील किया गया था, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया है। इसमें नॉन परमिटेड कलर पाया गया है। अभिहित अधिकारी वीके पांडेय ने बताया कि पराग की दोनों फर्म और कचरी विक्रेता को नोटिस भेजा गया है।
यदि उन्हें अपने दूध की गुणवत्ता पर विश्वास है तो वह सेंट्रल लैब में नमूना भेजकर जांच करा सकते हैं। एक माह के अंदर फर्म के संचालक अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया जाएगा।