फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दीपोत्सव में हुनर दिखाएंगे एक हजार लोक कलाकार

विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। इस वर्ष रामनगरी का दीपोत्सव जहां भव्यता का पर्याय होगा वहीं भारतीय लोक संस्कृति की झलक भी दिखेगी। भारत के विभिन्न प्रांतों के करीब एक हजार लोक कलाकार दीपोत्सव में अपनी कला का हुनर दिखाएंगे।
विज्ञापन

बड़ी संख्या में विदेशी कलाकार भी दीपोत्सव में शमां बांधेंगे। झारखंड का छाऊ, झांसी का राई, राजस्थान का कालबेलिया नृत्य जहां आकर्षण का केंद्र होगा। वहीं, नेपाल, सूरीनाम, थाईलैंड व मारीशस के कलाकार राम की गाथा का मंचन करेंगे। तीन दिनों तक शहर के 12 स्थलों पर सांस्कृतिक मंच सजाकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी।
लंका विजय के बाद राम के अयोध्या लौटने की खुशी में तीन वर्षों से आयोजित हो रहे दीपोत्सव को इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने की कवायद है।
पूरे शहर को इस तरह भव्यता प्रदान की जा रही है कि त्रेतायुग का दृश्य जीवंत हो उठे। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ वृहद स्तर पर सांस्कृतिक आयोजनों में भारत की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक दिखेगी।
विज्ञापन

देशभर के करीब एक हजार लोक कलाकार दीपोत्सव में शहर में जगह-जगह अपनी-अपनी शैली में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। झारखंड का छाऊ नृत्य, झांसी का राई, मध्यप्रदेश का गणगोर लोकनृत्य, फिरोजाबाद का मैजिक शो, गाजीपुर का धोबिया लोकनृत्य, राजस्थान का कालबेलिया, उत्तराखंड का नंदादेवी राजजात नृत्य, बांदा का पाईपंडा लोकनृत्य, जबलपुर का रामायण आल्हा सहित भजन, नौटंकी, गायन व चार देशों नेपाल, सूरीनाम, थाईलैंड व मारीशस की रामलीला का मंचन दीपोत्सव का आकर्षण होगा।
वहीं भारत के विभिन्न रामलीला दलों द्वारा रामायण के 11 प्रसंगों की भव्य झांकी भी सजाई जाएगी। साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली यह झांकी आकर्षण का केंद्र होगी। रामजन्म, राम वनगमन, के वट प्रसंग, रामविवाह प्रसंग, धनुष यज्ञ, अशोक वाटिका, ताडक़ा वध, सीता हरनण, लक्ष्मण शक्ति, राम-रावण युद्ध, लंका विजय सहित रामराज्याभिषेक की झांकी सजाई जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय रामायण चित्रकला शिविर का होगा आयोजन
दीपोत्यव में 17 से 25 अक्तूबर तक लखनऊ में थाईलैंड के 05, इंडोनेशिया के 02, श्रीलंका के 02 तथा भारत के 10 रचनाकारों द्वारा रामायण पर आधारित चित्रकला शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी चित्रों को 26 अक्तूबर को अयोध्या में प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों के सामने प्रदर्शित किया जाएगा।
वहीं, इस दौरान 6 रामकथा के विद्वानों को भी सम्मानित किया जाएगा। 24 अक्टूबर को 11 से 01 बजे तक अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में विभिन्न विद्यालयों के 2500 छात्र-छात्राओं की दीपोत्सव, अवध की लोककला, व राम सीता स्वरूप प्रतियोगिता होगी।
बीस फिट के हनुमान के कंधे पर राम-लक्ष्मण होंगे आकर्षण
राम की पैड़ी में इस वर्ष भी भगवान राम व हनुमान की भव्य मूर्ति स्थापित की जा रही है। फाइबर की बनी 20 फिट के हनुमान के कंधों पर विराजमान राम-लक्ष्मण की मूर्ति राम की पैड़ी की शोभा बढ़ाएगी। वहीं 18 फिट के राम व हनुमान तथा 18 फिट के राम-लक्ष्मण व हनुमान की मूर्तियां भी दीपोत्सव की सुंदरता में इजाफा करेंगी। पिछले वर्ष 30 फिट के राम व 18 फिट के आराधना मुद्रा में हनुमान की मूर्ति स्थापित की गई थी उनके स्थान पर इस वर्ष नई मूर्ति स्थापित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें