छात्र/छात्राओं ने ऐसी नीति की वकालत की जिसके तहत हर हाथ को काम मिलने की संभावनाएं बन जाएं। योग्यता के आधार पर मेधावियों को महत्व दिए जाने की मांग की गई। आरक्षण व्यवस्था के मूल्यांकन किए जाने की भी मांग की गई।
शैक्षिक संस्थानों की गिरती साख को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने के साथ ही नकल पर नियंत्रण लगाने की मांग उठी। बाजार की सड़क पर पसरे अतिक्रमण को हटाने तथा रामायण कालीन नदी तमसा को प्रदूषण से मुक्त किए जाने की आवाज बुलंद हुई। गोेसाईगंज के रामबली नेशनल कॉलेज में बुधवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित कैंपस अड्डा में छात्र/छात्राओं ने अपनी-अपनी राय व्यक्त की।
एक छात्रा ने कहा कि स्वच्छता बहुत जरूरी है। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता अनिवार्य है। एक छात्रा ने कहा कि जब से नकल का चलन तेज हो गया है तभी से शिक्षा की साख गिरती जा रही है।
एमएलए ऐसा हो जो नकल पर नियंत्रण लगाने की कोशिश करे, ऐसा होने पर गिर रही शैक्षणिक संस्थाओं की साख फिर से स्थापित होगी। युवा पीढ़ी की समस्याओं को अनसुनी किए जाने का मुद्दा उठाते हुए छात्रा ने कहा कि यहां तो युवा वोट बैंक बन गया है। हर पार्टी युवाओं की बात करती है लेकिन उनके हाथों को काम देने के बजाय उन्हें लालच देती है।
एक छात्रा ने आरक्षण की व्यवस्था का मूल्यांकन किए जाने की मांग उठाते हुए तर्क दिया कि संविधान में आरक्षण की व्यवस्था कुछ ही वर्ष के लिए थी तो आखिर यह अभी तक क्यों चल रहा है। गरीबी के आधार पर लोगों को पढ़ने-लिखने तथा रोजगार के अवसर की व्यवस्था किया जाए।
गोसाईगंज बाजार की जाम की समस्या भी प्रमुखता उठी। छात्रा ने कहा कि बाजार में हर वक्त जाम लगा रहता है। हाल यह है कि कभी-कभार तो बाजार पार करने में एक से डेढ़ घंटा लग जाता है। प्रतियोगिता के आधार पर जाब दिए जाने की मांग की गई। एक युवती ने कहा कि मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया रोकी जाए क्योकि जो नकल नहीं करते, वे मेरिट में पिछड़ जाते है।
सिर्फ मार्कशीट के आधार पर नौकरी न दिया जाए। एक छात्रा ने कहा कि तमसा नदी का जिक्र रामायण में है और यह 84 कोसी परिक्रमा पथ यहां से गुजरती है। तमसा प्रदूषण से छटपटा रही है। प्रतिभाओं को तवज्जों दिए जाने को कहा गया। एक युवती ने कहा कि प्रतिभाओं को तवज्जों मिले तभी उनका पलायन रुकेगा। पढ़ने-लिखने के बाद जब नौकरी नहीं मिलती तो प्रतिभाए बाहर चली जाती है। यहीं पर उद्योग धंधे लगे तो विकास होगा।