फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामनगरी के पुराने सरयू पुल का होगा जीर्णोद्धार

विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। करीब पांच दशक पूर्व सरयू नदी पर बने पुल के दिन बहुरने के आसार बढ़ गए हैं। पुराने सरयू पुल के जीर्णोद्धार की तैयारी शुरू हो गई है। जीर्णोद्वार के लिए प्रारंभिक दौर का काम भी शुरू हो चुका है। पुराने पुल के फुटपाथ व रेलिंग की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भी भेजा जा चुका है। फिलहाल पुराने पुल के सड़क की मरम्मत का काम पीडब्ल्यूडी ने शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

पुराने सरयू पुल के कायाकल्प की तैयारी तेज हो चुकी है। करीब पांच दशक पूर्व निर्मित इस पुल की हालत खराब हो गई थी। अब पुल के जर्जर सतह की खोदाई का काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही पुल के फुटपाथ व रेलिंग का जीर्णोद्धार भी कराया जाएगा। यह पुल रामनगरी केा पूर्वांचल एवं नेपाल से जोड़ता है।
हालांकि विगत कुछ वर्षों में जब से गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग वजूद में आया तब से इस पुल पर वाहनों के आवागमन का भार कम हुआ तो पुल उपेक्षा का भी शिकार हो गया। इससे पहले इसे पुल से सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन होता था। कटरा, शिवदयालगंज, करनैलगंज, हरैया, बस्ती, बलरामपुर आदि जगहों पर आवागमन के लिए इसी पुल का प्रयोग होता था। कालांतर में पुल की स्थिति अत्यंत खराब हो गई।
विज्ञापन

पुल की ऊपरी सतह कई जगहों पर उखड़ गई, कहीं-कहीं गड्ढे भी बन गए। यहीं नहीं रामनगरी में पड़ने वाले मेलों के दौरान तो पुल पर प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती है लेकिन, शेष दिनों में इस पुल पर अंधेरा कायम रहता है इसलिए रात्रि को गुजरने वाले राहगीरों को समस्या का सामना करना पड़ता है। फिलहाल पुल के ऊपरी सतह की खोदाई का काम शुरू हो गया है।
पहले चरण में पीडब्ल्यूडी द्वारा खोदाई कर ऊपरी सतह पर तारकोल एवं मिट्टी मिश्रित एक लेयर डाली जाएगी। इसका कार्य पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड दो के जिम्मे है। अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी भूपेशमणि त्रिपाठी ने बताया कि पुल के दोनों छोर की रेलिंग, लाइट पोल एवं फुटपाथ जर्जर हो चुके हैं। इनकी मरम्मत के लिए लगभग 70 लाख रुपये की आवश्यकता है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है जल्द ही बजट आवंटन के लिए पुल का कायाकल्प प्रारंभ हो जाएगा।
पुराने सरयू पुल का निर्माण 1965 में हुआ था। एक जून 1996 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरागांधी ने पुल का उद्घाटन किया था। यह पुल एक किलोमीटर लंबा एवं 34 फीट चौड़ा है। दोनों किनारों पर पांच फीट चौड़ा फुटपाथ है। विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह के बड़े पुल की लाइफ कम से कम सौ साल मानी जाती है। ऐसे में पुल की स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। ऊपरी तौर पर कुछ समस्या है तो इसका सुदृढ़ीकरण करा देने से पुल की लाइफ और भी बढ़ जाएगी।
पुराने सरयू पुल के कायाकल्प को लेकर महापौर ऋषिकेश उपाध्याय व नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने मुख्यमंत्री के समक्ष यह मसला उठाया था। विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने बताया कि पुराने पुल की स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया था। उन्होंने इसके कायाकल्प का आश्वासन दिया था। यह पुल अयोध्या को कई जिलों से लेकर नेपाल तक से जोड़ता है ऐसे में इसकी पुल की खासी अहमियत है साथ ही यह अयोध्या की धरोहर भी है। पीडब्ल्यूडी द्वारा अब इस पुल के कायाकल्प का काम शुरू कर दिया है। शीघ्र ही पुराना सरयू पुल नए स्वरूप में भव्यता को प्राप्त करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें